बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021 की वापसी की माँग को लेकर बैंक कर्मियों की दो दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल गुरुवार को शुरू हुई। पहले दिन जिले के पीएसयू बैंकों में हड़ताल रही। हड़ताली बैंककर्मी स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर इकट्ठे हुये और विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को भी दूसरे दिन हड़ताल पर रहने की घोषणा की।यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हो रही इस बैंक हड़ताल के चलते जिले की एक दर्जन पीएसयू बैंको की करीब 163 बैंक शाखाओं में ताले लटकते रहे। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक की तीन यूनियनो ने भी भागीदारी दी। इनकी 68 बैंक शाखाओं में हड़ताल का आंशिक प्रभाव रहा। हड़ताल के चलते करीब 200 करोड़ का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित रहा। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स की स्थानीय इकाई के चेयरमैन मनोज सिंह व संयोजक आरके पाण्डेय ने जिले में बैंक हड़ताल के सफल रहने का दावा किया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक 2021 को केंद्र सरकार ने संसद के चालू सत्र में पेश करने के लिये सूचीबद्ध कर रखा है। उन्होंने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि यदि यह बिल संसद में पेश होता है तो बैंककर्मी इसके विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे। बैंककर्मी नेता क्षितिज पाठक ने कहा कि यह बिल बैंको के निजीकरण का रास्ता खोलेगा। बैंक अधिकारी नेता कमलेश कुमार ने कहा कि सरकारी बैंक दिन रात एक करके सरकार की योजनाओं को सफल बनाते है। निजी बैंको का सरकारी योजनाओं में योगदान नगण्य है। बैंककर्मी नेता वीर बहादुर सिंह ने युवा बैंक कर्मियों में जोश भरते हुये कहा कि हम बैंक बचाओ देश बचाओ के नारे के साथ निजीकरण के विरोध में लड़ रहे हैं। बैंक अधिकारी नेता हर्षित गुप्ता ने कहा कि बैंककर्मियों की यह हड़ताल पूरी तरह जनहित में है। हड़ताली बैंक कर्मियों का नेतृत्व वेदप्रकाश पांडे, अजय मेहरोत्रा, रवि शुक्ला, अनामिका सिंह, वर्षा मेहरोत्रा, अनुज सिंह, यतींद्र मिश्रा, सिराज, ऋषिपाल, अभिषेक मिश्रा ने किया। शुक्रवार को हड़ताली बैंककर्मी जिले की अग्रणी बैंक “बैंक ऑफ़ इंडिया” की मुख्य शाखा रेलवेगंज में प्रातः 10 बजे से एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
हरदोई -हड़ताल से हाहाकार

