कर्नाटक – कैबिनेट ने धर्मांतरण विरोधी विधेयक को मंजूरी दीधर्मांतरण विरोधी विधेयक लाने वाला आठवां राज्य बन गया है कर्नाटक । राष्ट्र भाजपा सरकार ने बेलगावी में आयोजित शीतकालीन सत्र के दौरान सोमवार को धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार का कर्नाटक संरक्षण विधेयक-2021 नामक बहुप्रतीक्षित धर्मांतरण विरोधी विधेयक को मंजूरी दे दी। राज्य विधानसभा के दोनों सदनों में विपक्ष की आपत्ति के बावजूद बिल पास हो गया। मसौदे में सामूहिक धर्मांतरण में शामिल व्यक्तियों को एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ तीन से दस साल के बीच जेल भेजने का प्रावधान है। बिल के अनुसार, जो व्यक्ति धर्मांतरण करना चाहता है, वह प्राधिकरण के लिए एक महीने के पहले एक पत्र के साथ एक दस्तावेज देना होगा यह कहते हुए की वह बिना बल के धर्मांतरण के लिए तैयार है, ताकि पुलिस मामले की जांच की जा सके और धर्मांतरण के कारण पता कर सके।बिल के बारे में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मीडिया से कहा की राज्य भर में भारी संख्या में दबाव के कारण निर्दोष लोग अपना धर्म बदलने को मजबूर हो रहे हैं जिसके कारण इस बिल को लाना पड़ा।
कर्नाटक -कैबिनेट ने धर्मांतरण विरोधी विधेयक को मंजूरी दी

