शादी का झांसा देकर युवक ने किशोरी का यौन शोषण किया। पीड़िता के गर्भवती होने पर आरोपी ने शादी करने से मना कर दिया। किशोरी ने कष्ट सहते हुए एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद भी आरोपी विवाह करने के लिए तैयार नहीं हुआ। पीड़िता ने मुकदमा दर्ज करने के लिए उन्नाव और बंथरा थाने में गुहार लगाई थ, लेकिन उसे एक जगह से दूसरी जगह भेजा जाता रहा। सुनवाई नहीं होने पर पीड़िता ने वन स्टॉप सेंटर (आशा ज्योति केंद्र) से सम्पर्क कर न्याय दिलाने की फरियाद की है।आशा ज्योति केंद्र अधीक्षिका अर्चना सिंह के मुताबिक किशोरी की दोस्ती उन्नाव खानपुर निवासी सूरज से थी। जो किशोरी के पड़ोसी के घर आता था। आरोपी ने शादी करने का झांसा देते हुए युवती से शारीरिक संबंध बनाए थे। बेटी के साथ युवक की दोस्ती का पता चलने पर परिवार वालों ने उसे लुधियाना भेज दिया था। जहां युवती एक फैक्ट्री में काम करती रही। इस बात का पता चलने पर सूरज भी लुधियाना पहुंच कर उसी फैक्ट्री में काम करने लगा था। इस दौरान भी आरोपी ने कई बार यौन शोषण किया। जिससे किशोरी गर्भवती हो गई थी। उसने यह बात सूरज को बताई तो वह मारपीट कर भाग निकला था। गर्भवती होने के बाद किशोरी बंथरा स्थित घर लौट आई थी। शादी से पहले बेटी के गर्भवती होने की बात पता चलने पर परिवार वाले दंग रह गए। इस बीच किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया। किशोरी के पिता के मुताबिक वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए बंथरा थाने गए थे। जहां से उन्हें घटनास्थल उन्नाव का होने की बात कहते हुए वहां रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा गया। उन्नाव पहुंचने पर परिवार को बंथरा जाने की सलाह दी गई। लखनऊ-उन्नाव पुलिस के रवैये से परेशान होकर पीड़िता ने आशा ज्योति केंद्र के माध्यम से बाल कल्याण समिति में न्याय की गुहार लगाई है।
लखनऊ -जिलों की पुलिस नहीं सुन रही यौन शोषण पीड़िता की फरियाद

