समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव पिछले दो दिनों से पश्विमी यूपी के दौरे पर हैं। इधर लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के गेट पर ताला लगा दिया गया है। कार्यकर्ताओं के अंदर जाने पर रोक लगा दी गई है। अंदर से चुनिंदा नेताओं को बुलाए जाने पर ही एंट्री दी जा रही है। अखिलेश यादव के नहीं होने से कार्यालय के सामने लगने वाली भीड़ भी लगभग नदारद हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब राष्ट्रीय अध्यक्ष ही नहीं हैं तो यहां किसी और मिलने का कोई लाभ नहीं है।पहले चरण का मतदान 10 फरवरी को है। इसको देखते हुए अखिलेश और जयंत संयुक्त रूप से पश्विमी यूपी के जिलों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। अखिलेश के नहीं होने से सपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। हालांकि कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल अंदर बैठे हुए हैं। वहीं पश्विमी यूपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का लगने वाला जमावड़ा कार्यालय से नदारद है लेकिन पूर्वांचल के कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर डेरा डाले हुए हैं, लेकिन अखिलेश के नहीं होने की वजह से उन्हें भी मायूस होना पड़ रहा है।जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट पर भीड़टिकट के दावेदारों की भीड़ अब जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट के कार्यालय की ओर बढ़ रही है। यहीं से टिकट फाइनल हो रहे हैं। यहीं पर सांगठनिक रणनीतियां भी तय होतीं हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं की भीड़ ट्रस्ट के आसपास काफी बढ़ गई है।महीनों बाद जाम नहींविक्रमादित्य मार्ग पर महीनों बाद जाम की स्थिति नहीं है। यहां पर पिछले दो महीने से गाड़ियों का तांता लगा हुआ करता था। टिकट दावेदारों और समर्थकों की गाड़ियां करीब एक किलोमीटर तक लगी रहती थीं। लेकिन शनिवार को यहां पर लगभग सन्नाटा दिखाई दिया। लोगों को आने जाने में काफी सुगमता हो रही है।पश्चिमी यूपी पहुंचे नेताअखिलेश के सामने अपनी दावेदारी मजबूत करने के लिए दावेदार पश्चिमी यूपी पर पहुंच गए हैं। यही कारण है कि लखनऊ में सपा कार्यालय के सामने लगभग सन्नाटे की स्थिति है। ऐसा माना जा रहा है कि अखिलेश यादव की वापसी के बाद लखनऊ में एक बार फिर भीड़ उमड़ने की संभावना है।
लखनऊ -पार्टी कार्यालय पर पड़ा रहा ताला, कार्यकर्ताओं को अंदर जाने पर रोक

