विधानसभा चुनाव में मतदान के दिन कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों व श्रमिकों को वोट डालने का पूरा अवसर मिलेगा। अविरल चलने वाले कारखानों (यानी लगातार 24 घंटे चलने वाले कारखाने जैसे डेयरी, पेट्रोलियम, बॉटलिंग प्लांट आदि) के कर्मचारियों को कारखाना प्रबंधन को वोटिंग का उपयुक्त अवसर प्रदान करना होगा। वहीं इसके इतर अन्य कारखानों व संस्थानों में मतदान के दिन कर्मचारियों को सार्वजनिक अवकाश दिया जाएगा। ऐसा न करने वाले कारखाना प्रबंधन पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसे निर्वाचन कार्य में बाधा माना जाएगा।अपर श्रमायुक्त (लखनऊ क्षेत्र) सरजू राम ने बताया कि अविरल प्रक्रिया (लगातार चलने) वाले कारखानों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों को मतदान के दिन वोट डालने के लिए पर्याप्त मौका दिया जाएगा। प्रबंधन को समय निकाल कर कर्मचारियों को वोटिंग के लिए भेजना होगा। वहीं अनविरल प्रक्रिया वाले कारखाने , दुकान व वाणिज्यिक अधिष्ठानों में मतदान के दिन (23 फरवरी) को बंदी रहेगी। उन्होंने बताया कि मतदान के दिन कर्मचारियों को सवेतन छुट्टी दी जाएगी। कर्मचारियों को अगले साप्ताहिक अवकाश पर मतदान के दिन की छुट्टी के एवज में काम नहीं लिया जाएगा। न ही कोई वेतन या भत्ते में कटौती की जाएगी।
लखनऊ -कारखाना व दुकानों के कर्मियों को मिलेगा अवकाश

