लखनऊ -फर्जीवाड़ा करने वालों के 75 लाख जब्त

by | Mar 23, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

आवास विकास के अवध विहार, वृंदावन योजना में 21 संपत्तियों का फर्जीवाड़ा करने वाले जगत नारायण शुक्ला व उनके परिवार के 75 लाख रुपए जब्त कर लिए गए हैं। यह रकम इन लोगों ने विभिन्न योजनाओं में भूखंड व फ्लैटों के लिए जमा की थी। वाराणसी तथा बाराबंकी की कुल 5 संपत्तियां भी जब्त की गई हैं।लखनऊ के जगत नारायण शुक्ला, नैंसी शुक्ला, गायत्री शुक्ला, शिवा शुक्ला, रामकुमार, अंबे शुक्ला, सुरेंद्र कुमार तथा सरस्वती ने आवास विकास की अवध विहार तथा वृंदावन योजना में 21 भूखंडों में फर्जीवाड़ा किया। आवास विकास परिषद के खाते से 5.87 करोड रुपए भी फर्जीवाड़ा कर निकाल लिया। इनमें से जगत नारायण शुक्ला, अंबे शुक्ला, नैंसी शुक्ला, शिवा शुक्ला और गायत्री शुक्ला की 13 संपत्तियां गाजियाबाद में मिली हैं। जिसे आवास विकास ने पिछले हफ्ते ही जब्त किया था। परिषद ने इनकी संपत्तियों, भूखंडों और फ्लैटों पर अपना कब्जा भी ले लिया है। इन लोगों की दो संपत्तियां वाराणसी और तीन संपत्तियां बाराबंकी में पता चली थी। आवास विकास ने इन्हें भी अपने कब्जे में ले लिया है।इन लोगों ने करीब 75 लाख रुपए विभिन्न संपत्तियों के एवज में आवास विकास में जमा मिले हैं। परिषद के अपर आवास आयुक्त उदयभान त्रिपाठी ने बताया कि करीब 75 लाख रुपए कुछ संपत्तियों में जमा थे। जिसे परिषद ने जब्त कर लिया है। संपत्तियों पर भी आवास विकास ने अपना कब्जा ले लिया है।------------------फर्जीवाड़े में शामिल अफसरों पर नहीं हुई एफआईआरआवास विकास के फर्जीवाड़े के खुलासे को काफी समय बीत चुका है। लेकिन अभी तक फर्जीवाड़े में शामिल किसी अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर नहीं दर्ज कराई गई है। जबकि दोषी अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने 5.87 करोड रुपए परिषद के खाते से निकाल कर दलाल को दे दिया था। रकम में अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने भी बंदरबांट की थी। लेकिन परिषद के कुछ बड़े अधिकारी इन्हें बचाने में लगे हुए हैं। इसी वजह से अभी तक न तो इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है और न ही इनसे रिकवरी के आदेश हुए हैं।------------------------11.25 करोड़ की एफडी मामले में किसी से रिकवरी तक नहींदलाल आवास विकास के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर परिषद की 11.25 करोड़ की एफडी ही निकाल ले गए हैं। आवास विकास के लेखा विभाग के अधिकारियों तक को इसकी भनक नहीं लगी। जब भनक लगी तो उन्होंने मामले को छुपा दिया। इतनी बड़ी रकम की एफडी दलाल निकाल ले गए। उनसे रिकवरी नहीं हो पाई है। सीधे तौर पर दलाल अभी तक परिषद के खाते से कुल करीब 17 करोड़ रुपए निकाल चुके हैं। लेकिन किसी बड़े जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अलबत्ता इतने बड़े घोटाले तथा फर्जीवाड़े के मामले को अधिकारी दफन करने में लगे हैं। आवास विकास के लेखा विभाग की इस फर्जीवाड़े तथा घोटाले में बड़ी भूमिका है। लेकिन इसके भी बड़े अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ अधिकारी तो अब खुद के तबादले में लग गए हैं, ताकि वह जिम्मेदारी से बच जाय