स्मारक समिति के फर्जीवाड़े में शक के दायरे में आये तीन कर्मचारियों से पुलिस ने गुरुवार को पूछताछ की। इन लोगों से पुलिस ने यह जानने का प्रयास किया कि किसकी मिलीभगत से फर्जी हस्ताक्षर कराये गये। साठगांठ में और कितने लोग शामिल थे। जांच में कुछ और तथ्य मिलने का भी दावा किया जा रहा है।इस फर्जीवाड़े की एफआईआर एलडीए के सचिव पवन कुमार गंगवार ने लिखायी थी। इसमें बैंक प्रबन्धक नागेन्द्र पाल को नामजद किया गया था। विवेचना में कई आरोपियों के नाम सामने आये। बैंक प्रबन्धक नागेन्द्र पाल को कई दिन बाद गिरफ्तार किया गया। नागेन्द्र पाल से पूछताछ में कई जानकारियां पुलिस को मिली थी। इसी आधार पर एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव ने शक के दायरे में आये लोगों को पूछताछ के लिये नोटिस भेजी थी। इसके बाद ही पुलिस ने तीन कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की गई। दावा किया जा रहा है कि इन लोगों ने पुलिस को बताया कि किस तरह से साठगांठ हुई और बैंक ऑफ बड़ोदा के प्रबन्धक नागेन्द्र पाल की मदद से एफडी करवा कर खेल हुआ। इसमें 10 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा करने में मुख्य रूप से पांच लोग शामिल थे। बाकी अन्य तरीकों से कुछ ने मदद की। पुलिस अफसरों का कहना है कि जल्दी ही इस मामले में दो और लोगों की गिरफ्तारी की जायेगी। वहीं एलडीए की फाइल पर मिले हस्ताक्षर का मिलान भी कराया जाना है।
लखनऊ -फर्जीवाड़े में तीन और कर्मचारियों से पूछताछ

