लखीमपुरखीरी – चश्मदीद गवाह पर जानलेवा हमला, प्रशांत भूषण के ट्वीट के बाद भाजपा नेता समेत पांच पर केस

by | Apr 11, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

लखीमपुर खीरी कांड के चश्मदीद गवाह पर रामपुर में जानलेवा हमला किया गया है। कुछ लोगों ने रास्ते में रोककर जमकर पीटा और लहूलुहान छोड़कर फरार हो गए। पुलिस को दी गई तहरीर के बाद भी एफआईआर न होने पर प्रशांत भूषण के तीखे ट्वीट से खलबली मच गई। आखिरकार सोमवार को एक भाजपा नेता समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।कोतवाली क्षेत्र के गांव भुकसोरा निवासी हरदीप सिंह उर्फ मंत्री मलवई पुत्र सरदार हरि सिंह लखीमपुर खीरी कांड का चश्मदीद गवाह है। हरदीप के अनुसार रविवार की शाम 7 बजे वह अपने साथी सतेंद्र सिंह और जगजीत सिंह के साथ नवाबगंज गांव स्थिति गुरुद्वारा साहिब से मत्था टेक कर वापस घर की ओर जा रहा था।इसी बीच रास्ते में बिलासपुर-नवाबगंज मार्ग स्थित एक होटल के निकट भाजपा नेता मेहर सिंह देओल, सरबजीत सिंह और तीन अज्ञात लोगों ने उन्हें रोक लिया। भाजपा नेता ने उनके साथ गाली-गलौज की और लखीमपुर खीरी कांड में गवाही न दिए जाने का दवाब बनाने लगा। जब उसने इसका विरोध किया तो उसने और उसके साथियों ने उनके ऊपर हमला बोल दिया। उनके साथ जमकर मारपीट की गई। इस दौरान भाजपा नेता ने तमंचे के बट से उसकी आंख फोड़ने की कोशिश की। उसे गवाही देने पर जान से मारने की धमकी दी और फरार हो गया।आरोप है कि घायल हरदीप सिंह ने जब प्रभारी निरीक्षक को घटना की जानकारी दी तो कार्रवाई करने के बजाय सत्ता दल से जुड़ा मामला होने कारण पुलिस ने इसे दबाने की कोशिश की। इस बीच मामले की जानकारी होने पर प्रशांत भूषण ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए ट्वीट कर दिया। इससे खलबली मच गई। आखिरकार को पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। प्रभारी निरीक्षक तेजवीर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों का बाइक टकराने को लेकर विवाद हुआ था। मेहर सिंह देओल और सरबजीत सिंह घुम्मन व तीन अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रशांत के ट्वीट ने बदला माहौलप्रशांत भूषण के ट्वीट के बाद ही प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लिया और आनन-फानन में मुकदमा दर्ज हो गया। पुलिस ने भाजपा नेता सहित पांच के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और पीड़ित को न्याय का भरोसा दिलाया। उधर, प्रशांत भूषण सहित सभी विपक्षी दलों के पदाधिकारी पीड़ित के समर्थन में उतर आए हैं। सोशल मीडिया सहित अन्य प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर दिन भर आलोचनाओं का दौर जारी रहा।घटना के बाद सहमा पीड़ित का परिवारबिलासपुर। इस घटना के बाद पीड़ित हरदीप सिंह और उसका परिवार सहमा हुआ है। दहशतजदा पीड़ित तो किसी के सामने कुछ कहने के लिए भी तैयार नहीं हैं। पीड़ित का आरोप है कि उसे बहुत ज़्यादा धमकाया गया। आरोप है कि उससे कहा गया है कि अगर लखीमपुर कांड की गवाही देनें गए तो जान से हाथ धो बैठोगे। लखीमपुर खीरी का मामले से उसे अब हटना होगा, नहीं तो उसकी खैर नहीं।उसे तमंचे दिखाकर खूब धमकाया गया है। जिससे वह और उसके साथी ख़ौफ़ज़दा हो उठे हैं। परिजन तो सत्ता के डर से उसे कहीं जाने तक नही दे रहें हैं।