राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एक रुपए में इलाज नहीं मिल सकेगा। अब फ्री में दवाएं भी नहीं मिलेगी। क्योंकि नए फरमान के मुताबिक पर्चा 100 रुपए में बनवाना होगा। नई व्यवस्था कब से लागू होगी। इसकी तारीख अभी जारी नहीं हुई है। सोमवार को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने आदेश जारी किया है। यहां प्रतिदिन 2 हजार से ज्यादा मरीज अपना इलाज कराने के लिए आते हैं।हालांकि लोहिया अस्पताल का राम मनोहर लोहिया संस्थान में विलय होना पहले से तय था। 27 अगस्त 2019 को विलय हो भी गया था। हालांकि, ये भी तय हुआ था कि 2 साल तक पुरानी सुविधाओं बरकरार रखा जाएगा। अब वह मियाद 27 अगस्त, 2021 को पूरी हो गई थी। तब से यह कयास लगाया जा रहा था कि जल्द ही अस्पताल का वजूद खत्म हो जाएगा। लेकिन उसमें 7 महीने का समय लग गया। पहले जहां पर्चा एक रुपए में बनता था। अब वह 100 रुपए में बनेगा। जो इलाज पहले आसानी से मिलता था, उसके लिये अब ज़्यादा रुपए खर्च करना पड़ेगा। हालांकि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की चिकित्सा सुविधा पूर्व की भांति फ्री उपलब्ध रहेगी। जबकि अस्पताल में आने वाले अन्य सभी मरीजों के पंजीकरण एवं यूजर चार्ज संस्थान की भांति रखा जाए।बैठक में डेट तय की जाएगीअस्पताल के एमएस विक्रम सिंह का कहना है कि शासन के आदेश के बाद बैठक की जाएगी। उसके बाद जल्द ही तारीख तय किया जाएगा कि एक रुपए की जगह 100 रुपए फीस कब से लागू किया जाएगा। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक उनको एक रुपए में इलाज उपलब्ध रहेगा। लोहिया संस्थान में प्रतिदिन करीब 300 से 400 मरीजों का इलाज होता है।
लखनऊ -100 रुपए में बनेगा पर्चा, मुफ्त की दवाएं भी नहीं मिलेंगी

