लखनऊ -ईपीएफ घोटाले पर पर्दा डालने के लिए निजी एजेन्सियों ने रोक दी फाइलें

by | Apr 27, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

नगर निगम के ईपीएफ घोटाले पर पर्दा डालने की तैयारी है। इसमें निजी एजेन्सियों के साथ नगर निगम के अधिकारी भी लगे हैं। ईपीएफ का पैसा कर्मचारियों के खाते में जमा कराने की बजाय निजी एजेन्सियों ने अफसरों के पास कर्मचारियों के वेतन भुगतान की फाइलें भेजना बंद कर दिया है। दो महीने के वेतन की फाइल निजी एजेन्सियों ने नगर निगम को नहीं दी हैं।नगर निगम में ईपीएफ के नाम पर बड़ा घोटाला हुआ है। सफाई के लिए लगी निजी एजेन्सियों के कर्मचारियों को नगर निगम ईपीएफ के रूप में 1502 रुपए देता है। जबकि 1178 रुपए कर्मचारियों के वेतन से कटता है। इस तरह प्रत्येक माह प्रति कर्मचारी को पीएफ के रूप में 2680.31 रुपए मिलना चाहिए। यह उनके पीएफ खाते में जमा होनी चाहिए। लेकिन निजी सफाई एजेन्सियां कर्मचारियों के पीएफ खाते में पैसा नहीं जमा कर रही हैं। नगर निगम अधिकारियों के साथ मिलकर इसमें बड़ा घोटाला किया जा रहा है। हिन्दुस्तान ने पिछले महीने घोटाले की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस खबर के बाद निगम के अधिकारी व निजी एजेन्सियां घोटाले पर पर्दा डालने में लग गयी है। नगर निगम के मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी ने साफ कह दिया था कि अब वह बिना पीएफ खाते में पैसा जमा किए किसी भी निजी एजेन्सी को भुगतान नहीं करेंगे। उन्होंने सभी एजेन्सियों के खाते में जमा हुए होने वाली पीएफ की रकम का एसडीएम यमुनाधर चौहान से पूरा विवरण मांगा था। तीन पत्र लिख चुके हैं लेकिन उन्हें विवरण नहीं मिला है। खुद एसडीएम यमुनाधर चौहान ने कहा कि दो महीने में एक भी निजी एजेन्सी ने अपना बिल नहीं जमा किया है।मामले में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने सभी कार्यदायी संस्थाओं के कर्मचारियों के ईपीएफ खातों तथा कर्मचारियों का पूरा विवरण मांगा था। 25 अप्रैल को सुनवाई की तिथि निर्धारित की थी। लेकिन नगर निगम ने एक भी एजेन्सी का विवरण कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को नहीं दिया। एसडीएम यमुनाधर चौहान ने कहा कि करीब 30 एजेन्सियों ने विवरण दे दिया है। लेकिन जब उनसे इसके बारे में जानकारी चाही गयी तो वह एजेन्सियों के नाम नहीं बता पाए।कितने सफाई कर्मियों के ईपीएफ खाते में पैसा जमा हुआ है कितने में नहीं। इसका पूरा विवरण एसडीएम से मांगा गया है। लेकिन अभी तक उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया है। नगर निगम जो ईपीएफ का पैसा दे रहा वह कर्मचारियों के खाते में जमा होना चाहिए। बिना इसके जमा हुए अब कोई बिल पास नहीं होगा।बिशम्भर बाबू, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी, नगर निगम--------------सफाई कर्मचारियों ने अभी तक बिल नहीं दिया है। जिससे उन्हें भुगतान नहीं किया गया है। सभी को बिल प्रस्तुत करने के लिए हमने आज ही पत्र लिखवाया है। ज्यादातर ने 30 एजेन्सियों ने ईपीएफ खाते में जमा रकम का विवरण दे दिया है।यमुनाधर चौहान, एसडीएम, नगर निगम