अमेठी -कस्बा स्थित कई सरकारी भूखंडों पर भू माफिया का अवैध कब्जा

by | Apr 29, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

संवाददाता अमेठी : विकाशखण्ड शुकुल बाजार के क्षेत्रीय लोगों एवं कस्बा वासियों तथा प्रत्यक्षदर्शी लोगों की माने तो दो यम दर्जे के नक्शे में दर्ज विभिन्न गाटा संख्याओं को मिलाकर पक्का 12 बीघे का तालाब अब महज कुछ ही जमीन पर सिमट कर रह गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इन्हौना रेछघाट संपर्क मार्ग पर स्थित शुकुल बाजार कस्बे में यह जमीन 5 से 6 लाख रुपए फुट जमीन की कीमत मानी जाती है ऐसे में यह जमीन करोड़ों रुपए कीमत की आंकी जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो कभी तालाब सड़क से सटकर बहता था आज सड़क से 200 फीट अंदर तक तलाब नहीं दिखाई दे रहा है आखिर इन दबंग भूमाफिया पर कब होगी कार्रवाई कब तलाब अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा सरकारी तालाब। जबकि सरकार की मंशा तालाब की जमीनों को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराए जाने की है और इसके लिए बकायदा योगी सरकार ने फरमान भी जारी किया है कि तालाब की जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाए जाएं अब देखना यह है कि शुकुल बाजार के बेशकीमती राम लीला मैदान के समीप और सड़क से सटे तालाब पर अतिक्रमणकारियों का आक्रमण हटेगा या नहीं। सूत्रों की मानें तो शुकुल बाजार के कई बेशकीमती भूखंडों पर अवैध और दबंगों का अतिक्रमण है कस्बे में जमीन का रेट 5 से 6 लाख रुपए फुट होने के चलते कई ऐसे सरकारी भूखंड है जिन पर भू माफियाओं का अवैध कब्जा है। फिलहाल तालाब से अतिक्रमण हटाने को एक भाजपा नेता सहित ग्रामीण ने भी उच्च अधिकारियों को लिखित प्रार्थना पत्र दे रखा है। उक्त संबंध में थाना दिवस पर भी भाजपा नेता और ग्रामीण ने तालाब की पैमाइश कराकर तालाब खाली कराए जाने की मांग की थी। कस्बा में तालाब स्थित होने के चलते अगर तालाब अतिक्रमण मुक्त होता है और तालाब का सुंदरीकरण होता है तो जहां जल स्तर में सुधार होगा, वही लोगों को बाढ़ से निजात मिलेगी तथा कीचड़ से भी निजात मिलेगी और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा तालाब अपने मूल स्वरूप को प्राप्त कर सकेगा।