संवाददातामेट्रो स्टेशन पर छेड़छाड़ का आरोपी पर एलएमआरसी ने आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। आरोपी को मेट्रो परिसर में प्रवेश करने पर भी रोक लगा दी गई है। उसके गो-स्मार्ट कार्ड को ब्लॉक कर दिया गया है।यूपीएमएआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया है। लखनऊ के सभी 21 मेट्रो स्टेशनों के सुरक्षा कर्मियों को आरोपी की पहचान के लिए उसका विवरण दे दिया गया है। एमडी कुमार केशव ने सुरक्षा और मेट्रो परिचालन टीम के आरोपी की पहचान कर त्वरित कार्रवाई करने के लिए सरहाना की। उन्होंने यूपीएमआरसी के सुरक्षा विभाग को यात्री सुरक्षा खासकर महिलाओं के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा यात्रियों को मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों में सुरक्षा सुविधाओं और सुरक्षा प्रावधानों के बारे में शिक्षित करने के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान भी शुरूसीसीटीवी कैमरों में कैद यात्रियों की गतिविधियांमेट्रो स्टेशन पर छेड़छाड़ का आरोपी चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों से बच न पाया। आरोपी को पकड़वाने में लखनऊ मेट्रो ने बड़ी भूमिका निभाई। एलएमआरसी की ओर से जारी बयान के अनुसार पीड़िता के परिवारीजनों की पूरी सहायता की गई। मेट्रो के सुरक्षा अधिकारियों ने उनके साथ जा कर एफआईआर दर्ज कराई। आरोपी को पकड़ने में मेट्रो स्मार्ट कार्ड की अहम भूमिका रही। इससे पता लग गया कि उस समय मेट्रो स्टेशन पर उस वक्त कितने और कौन लोग मौजूद थे। यात्री के गो-स्मार्ट कार्ड की मदद से उसका फोन नंबर निकाल कर पुलिस को दे दिया गया। इसके बाद पुलिस ने सर्विलांस की मदद से उसे 48 घंटों के भीतर पकड़ लिया।स्टेशन से लेकर मेट्रो तक की जाती है निगरानीएमडी ने बताया कि लखनऊ मेट्रो बेहद सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन है। क्योंकि प्रत्येक स्टेशन के प्रवेश पर यात्रियों की स्कैनिंग होती है। इसके अलावा हर स्टेशन पर 60 से 70 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ट्रेनों में 26 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनकी फुटेज लगातार कंट्रोल रूम में पहुंचती है। लखनऊ में मेट्रो का परिचालन सेवाएं शुरू होने के बाद पिछले 4.5 वर्षों में इस तरह का यह दूसरा मामला सामने आया है।मेट्रो गेट के पास आपात अलार्मयात्री और ट्रेन संचालक के बीच मेट्रो ट्रेन के गेट के पास लगे आपात अलार्म से सीधा हॉटलाइन संचार किया जा सकता है। अलार्म दबाने वाले यात्री का लाइव सीसीटीवी फुटेज स्वचालित रूप से ट्रेन ऑपरेटर और सुरक्षा नियंत्रण कक्ष में प्रसारित हो जाता है। प्रत्येक कोच में किसी भी आपात स्थिति में सीधे ट्रेन ऑपरेटर के साथ संवाद करने के लिए दो यात्री अलार्म हैं। साथ ही सभी लिफ्ट के अंदर हॉटलाइन कॉल फीचर से यात्री आपातकालीन स्थिति में स्टेशन नियंत्रक के साथ सीधे जुड़ सकता है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए कॉनकोर्स से प्लेटफॉर्म तक लिफ्ट में पारदर्शी शीशे का इस्तेमाल किया गया है।
लखनऊ -अब भविष्य में मेट्रो स्टेशन पर छेड़छाड़ के आरोपी पर आजीवन प्रतिबंध

