वाराणसी -4 वादी महिलाएं बोलीं- हर हाल में लड़ेंगे मुकदमा

by | May 9, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर सर्वे मामले में नया मोड़ आ गया है। सर्वे के लिए नियुक्त अधिवक्ता आयुक्त की कमीशन की कार्रवाई के दौरान वादी पक्ष की महिलाओं में दरार पड़ती दिख रही है। प्रतिवादी पक्ष के विरोध के बाद सर्वे की कार्रवाई रुकने के अगले दिन रविवार को वादी पक्ष को सहयोग कर रही विश्व वैदिक सनातन संघ के प्रमुख जितेंद्र सिंह बिसेन ने याचिका वापस लेने का दावा कर किया। मुख्य वादी राखी सिंह के रिश्तेदार होने के कारण जितेंद्र सिंह बिसेन के इस बयान को गंभीरता से लिया जा रहा है। उधर, वाद से जुड़ी चार अन्य महिलाएं मंजू व्यास, सीता साहू, लक्ष्मी देवी और रेखा देवी ने ऐसे किसी फैसले से इनकार किया है और दावा किया कि मरते दम तक केस लड़ेंगे।किसी भी हाल में मुकदमा वापस नहीं होगादरअसल, ज्ञानवापी मामले में हिंदू पक्ष की ओर से पांच महिलाओं में से एक राखी सिंह की ओर से जितेंद्र सिंह बिसेन ने केस वापस लेने की घोषणा की है। इसके तुरंत बाद गुर्जर छात्र समिति कर्णघंटा में मंजू व्यास, सीता साहू, लक्ष्मी देवी और रेखा देवी संयुक्त रुप से मीडिया के सामने आई और केस वापस लेने के किसी भी निर्णय से इनकार कियाकोर्ट के आदेश पर छह मई को कोर्ट कमिश्नर ने सभी पक्षों के साथ गहमागहमी के बीच सर्वे किया। पहले दिन काफी ज्यादा हंगामा और नारेबाजी हुई। दूसरे दिन सात मई को मस्जिद के अंदर मुस्लिमों के प्रवेश नहीं देने पर कोर्ट कमिश्नर ने कार्यवाही को रोककर सर्वे नौ मई के लिए टाल दिया। उधर, सात मई को विपक्षी अधिवक्ता ने कोर्ट कमिश्नर के सर्वे की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अदालत में उनको बदलने की मांग की। अदालत ने वादी को अपना पक्ष रखने के लिए नौ मई तक सुनवाई टाल दी।