मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने समूह ‘ग (तृतीय श्रेणी) के कर्मचारियों का प्रत्येक तीन वर्ष बाद पटल-क्षेत्र परिवर्तन करने का निर्देश दिया है। यह परिवर्तन प्रति वर्ष 30 जून तक अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है। शुक्रवार को इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया।शासनादेश में कहा गया है कि सरकारी कार्यालयों में कार्य की शुचिता बनाए रखने के लिए शासन स्तर से समय-समय पर इस आशय के आदेश जारी किए जाते रहे हैं। शासन के संज्ञान में आया है कि अभी भी उन आदेशों का कड़ाई से पालन नहीं किया जा रहा है। समूह ‘ग के कर्मचारियों का पटल परिवर्तन एवं क्षेत्र (फील्ड) में कार्यरत कर्मचारियों का क्षेत्र परिवर्तन तीन वर्ष के बाद प्रतिवर्ष 30 जून तक अनिवार्य रूप से कर दिया जाए। सभी विभागाध्यक्ष व कार्यालयाध्यक्ष यह देंखेंगे कि पटल-क्षेत्र परिवर्तन की व्यवस्था का कड़ाई से पालन हो। संवेदनशील या लोक व्यवहार के पदों के संबंध में भी व्यक्तिगत रूप से समीक्षा कर संबंधित कर्मचारी का पटल-क्षेत्र परिवर्तन शीर्ष प्राथमिकता पर किया जाए। इसमें यह भी देखने कहा है कि परिवर्तन के बाद भी अनौपचारिक रूप से संबंधित पटल-क्षेत्र पर पूर्व में तैनात कर्मचारी का प्रभाव न बना रहे।शासन ने सभी विभागाध्यक्षों व कार्यालयाध्यक्षों से 30 जून तक इस आशय का प्रमाणपत्र भी मांगा है कि उनके अधीन मुख्यालय या कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक समय से नियुक्त कर्मचारी का पटल-क्षेत्र का परिवर्तन कर दिया गया है। यदि किसी कर्मचारी का शासकीय कार्यहित में पटल-क्षेत्र परिवर्तन न किए जाने की अपरिहार्य स्थिति हो तो इस संबंध में उन अपरिहार्य परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए एक निश्चित अवधि के लिए संबंधित कार्मिक का पटल-क्षेत्र परिवर्तन न किए जाने के लिए विभागाध्यक्ष या कार्यालयाध्यक्ष द्वारा स्थानान्तरण के लिए निर्धारित स्तर से एक स्तर ऊपर का अनुमोदन प्राप्त कर लिया जाए।
लखनऊ -कर्मचारियों की हर तीसरे साल बदलेगी सीट

