यूपी को वन ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने में पर्यटन की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। यही कारण है कि राज्य सरकार इस दिशा में न सिर्फ पूरा फोकस कर रही है, बल्कि कई नये प्रयोग भी किए जा रहे हैं। पूरे प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को समान गति से आगे बढ़ाने के लिए अब हर जिले में पर्यटन एवं संस्कृति विकास परिषद का गठन किया जाएगा। यह परिषद पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व के सभी स्थलों के विकास, रखरखाव और उनकी बेहतरी के न सिर्फ प्रयास करेगी, बल्कि सरकार को सुझाव भी देगी।प्रदेश में पर्यटन विकास का पूरा खाका अब लखनऊ में नहीं बल्कि जिलों में बनेगा। इसके लिए योगी सरकार एक नई पहल करने जा रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह कहते हैं कि यूपी को देशी-विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनाना ही उनके विभाग का लक्ष्य है। प्रदेश के सभी प्रमुख स्थलों को पर्यटन से जोड़ने और सांस्कृतिक धरोहरों और विरासतों को सहेजने के लिए हर जिले में पर्यटन एवं संस्कृति विकास परिषद गठित की जा रही है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनने वाली इस कमेटी का सचिव पर्यटन विभाग का अधिकारी होगा। परिषद में सीडीओ, परिवहन, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी होंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय सांसद-विधायक भी परिषद के सदस्य होंगे।जिलों में जल्द प्रभावी होंगे कमेटियांपरिषद देखेगी कि पर्यटन विकास की कहां-कहां और संभावनाएं हो सकती हैं। क्या-क्या और काम कराए जाने की जरूरत है ताकि उन स्थलों को विकसित किया जा सके। पर्यटन और सांस्कृतिक विकास संबंधी नये प्रस्ताव तैयार करने का काम भी यही जिला स्तरीय कमेटी करेगी। जो भी काम होंगे उनके नियमित पर्यवेक्षण और निरीक्षण सहित तमाम काम यह समितियां देखेंगी। विभागीय स्तर पर जिलों में इनके गठन की तैयारी कर ली गई है। बहुत जल्द यह कमेटियां प्रभावी हो जाएंगी।
यूपी में हर जिले में होगी पर्यटन एवं संस्कृति विकास परिषद

