यूपी में राज्यसभा की 11 सीटों पर हो रहे चुनाव के लिये भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के आठों उम्मीदवारों ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भाजपा के उम्मीदवारों ने विधानसभा में नामांकन किया। इससे पहले सपा के तीनों प्रत्याशी कपिल सिब्बल, जयंत चौधरी और जावेल अली खां पहले ही नामांकन कर चुके हैं। नामांकन का आज अंतिम दिन था। अब केवल 11 ही प्रत्याशी होने से सभी का निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया है। भाजपा की तरफ से नामांकन पत्र दाखिल करने वाले उम्मीदवारों में पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष डा के लक्ष्मण, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी, गोरखपुर सदर सीट से पूर्व विधायक डा राधा मोहन दास अग्रवाल, पार्टी के वरिष्ठ नेता बाबूराम निषाद, भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष दर्शना सिंह, पूर्व विधायक संगीता यादव, सपा से भाजपा में आये राज्यसभा सदस्य सुरेन्द्र सिंह नागर और पूर्व विधायक मिथिलेश कुमार शामिल हैं। विधानसभा की मौजूदा दलीय स्थिति को देखते हुए राज्यसभा की रिक्त सीटों में से भाजपा के सात और समाजवादी पार्टी (सपा) के तीन उम्मीदवारों का जीतना तय था। 11वीं सीट को लेकर चुनाव की स्थिति बनती मगर सपा ने इसका जोखिम नहीं उठाया। ऐसे में भाजपा के आठवीं सीट भी आसानी से जीतने का रास्ता साफ हो गया।प्रदेश में राज्यसभा की कुल 31 सीटें हैं। इनमें से 11 सीटें रिक्त हो रही हैं। पिछली बार इनमें से पांच भाजपा, तीन सपा, दो बसपा और एक कांग्रेस के खाते में थी। मगर इस बार संख्या बल सिर्फ भाजपा और सपा के ही पास है। एनडीए के पास 273 और सपा के पास सहयोगियों सहित 125 सीटें हैं। एक सीट के लिए करीब 37 वोटों की जरूरत होगी। ऐसे में सात सीटों पर आसानी से जीत के बाद भाजपा के पास 14 अतिरिक्त वोट होंगे। ठीक इसी तरह तीन सीटों पर जीत हासिल करने के बाद सपा के पास भी 14 वोट और बचेंगे।मगर सपा ने चौथी सीट पर प्रत्याशी उतारने का जोखिम नहीं उठाया। सपा के 14 वोटों में शिवपाल सिंह यादव भी हैं। आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी फिलहाल अलग-थलग दिख रहे हैं। हालांकि सपा ने कपिल सिब्बल को समर्थन देकर आजम को खुश करने की कोशिश की है।
लखनऊ – बीजेपी के 8 प्रत्याशियों का नामांकन, सभी का निर्विरोध निर्वाचन तय

