लखनऊ में मंगलवार को पुलिस ने दलित युवक को थाने ले जाकर पीटा। वजह थी कि पड़ोसी दंपति की लड़ाई हो रही थी। आवाज सुनकर दलित युवक बाहर निकला और लड़ाई देखने लगा। इसकी जानकारी किसी ने पुलिस को दी। पुलिस वहां लड़ाई शांत करा रही थी। तभी उसे लगा युवक उसे घूर रहा है। उसका कॉलर पकड़ कर जीप में बैठाकर ले गई। जानकारी अनुसार, इससे युवक की हालत इतनी बिगड़ गई कि उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। ये घटना कंकरकुआं गांव की है।यहां रहने वाले सुभाष रावत ने बताया कि वो पुलिसवालों की तरफ देख रहा था। तभी एक सिपाही ने कहा कि घूर क्यों रहा है। सिपाही की बात सुनकर वो डर गया और माफी मांगने लगा। लेकिन, तीन सिपाही जुटकर उसे पीटने लगे। इस पर सुभाष की मां किसी तरह हाथ पैर जोड़कर उसे घर ले गई। पीछे से पुलिसवाले भी उसके घर पहुंचे और गाड़ी में भरकर सुभाष को थाने ले गए।मां के सामने बेटे को पीटकर अधमरा कर दियाथाने ले जाकर तीनों सिपाहियों ने चमड़े के पट्टे से सुभाष की पिटाई शुरू कर दी। थोड़ी देर में उसकी मां भी थाने पहुंची। बेटे को छोड़ने के लिए गिड़गिड़ाने लगी। लेकिन, पुलिसवालों ने मां के सामने सुभाष को इतना पीटा की बेहोश हो गया। हालत बिगड़ती देख पुलिसवालों ने उसे मां को सौंपकर घर ले जाने को कहा। वो घरवालों की मदद से किसी तरह लोकबंधु अस्पताल ले गई। यहां से मंगलवार को उसे निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।DCP बोले- दोषी पर कार्रवाई होगीDCP सेंट्रल अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि ACP कृष्णानगर को जांच सौंपी गई है। जांच में दोषी पाए गए पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ACP कृष्णानगर पवन गौतम का कहना है कि PM के कार्यक्रम की व्यस्तता की वजह से अभी जांच नहीं हो पाई। पीड़ित का बयान लेने के लिए एक टीम को भेजा गया है। आरोपित पुलिसवालों को भी बयान के लिए बुलाया गया है
लखनऊ – पड़ोसी दंपति का झगड़ा देख रहा था, तभी पुलिस आई और थाने ले गई,घूरने का आरोप लगा पुलिस ने बरसाई लाठियां

