लखनऊ -थाने में बर्बरता पर मानवाधिकार आयोग सख्त

by | Jun 2, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

बिजनौर कोतवाली के लॉकअप में पेंटर सुभाष रावत के साथ की गई बर्बरता का यूपी मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को जांच कराने के आदेश दिये। साथ ही पूरी रिपोर्ट सात दिन में प्रस्तुत करने को कहा। मंगलवार को मारपीट की फोटो वॉयरल होने के बाद डीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक ने दो सिपाहियों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर निलंबित कर दिया था। वहीं, पेंटर के साथ हुई घटना में शामिल अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच एसीपी हजरतगंज अखिलेश सिंह को सौंपी गई है।पेंटर ने अफसरों को बताई आपबीतीडीसीपी मध्य अपर्णा रजत कौशिक के मुताबिक मंगलवार को ही एसीपी कृष्णानगर पवन गौतम को जांच के निर्देश दिए गए थे। एसीपी ने पीड़ित सुभाष रावत और परिवार के बयान लिए थे। इसमें सिपाही स्वर्ण सिंह, अरविंद चौधरी की भूमिका स्पष्ट नजर आई थी। एसीपी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों को निलंबित किया जा चुका है। सुभाष के साथ हुई बर्बर कार्रवाई में अन्य पुलिस कर्मियों की जांच भी हो रही है। इसकी रिपोर्ट एसीपी हजरतगंज बना कर पेश करेंगे। सुभाष रावत और बहन शालिनी ने पुलिस को बताया था कि पति-पत्नी के झगड़े में बीच बचाव से पुलिस कर्मी नाराज थे। स्वर्ण और अरविंद के साथ दरोगा और अन्य सिपाही भी थे, जो पीटते हुए गाड़ी में कोतवाली ले गए और लॉकअप में पट्टे से पीटा गया था।जांच जारी हैउत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग के न्यायमूर्ति बाल कृष्ण नारायण ने बिजनौर थाना पुलिस की बर्बर कार्रवाई पर संज्ञान लिया है। पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने बताया कि इस मामले में जांच एसीपी कर रहे हैं। सात दिन से पहले ही रिपोर्ट भेज दी जायेगी।