लखनऊ – नए टैक्स जनता पर लगाकर नगर निगम भरेगा अपना खजाना

by | Jun 14, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

लखनऊ संवाददाता : सदन की बैठक में आटो, टेम्पो, टैक्सी, ट्रैवल एजेन्सी, स्क्रैप कारोबारियों, प्रिन्टिंग प्रेस, ईंट भट्टों व औद्योगिक ईकाइयों पर नए टैक्स लगाने का लिया गया फैसलानगर निगम ने शहर के उद्यमियों, ट्रैवल एजेन्सियों, स्क्रैप के कारोबारियों तथा आटो टेम्पों संचालकों पर नया टैक्स लगाने का फैसला लिया है। इसके जरिए नगर निगम अपना खाली खजाना भरेगा। कुछ की टैक्स की दरें संशोधित की गयी हैं तो कुछ नए लगाए गए हैं। सोमवार को महापौर संयुक्ता भाटिया की अध्यक्षता में हुई नगर निगम सदन की बैठक में इसकी मंजूरी मिल गयी। अगले दो महीने के भीतर नए टैक्स लागू कर दिए जाएंगे। इसी के साथ गृहकर के बकाएदारों को कुछ राहत भी दी गयी है। बकाएदारों के लिए एक मुश्त समाधान योजना लायी जा रही है। इसके तहत गृहकर के बकाएदारों की पूरा ब्याज माफ होगी।नगर निगम सदन की बजट बैठक काफी हंगामेदार रही। बजट पर चर्चा होने की बजाय पार्षद अपने वार्डों व शहर की समस्याओं को लेकर सदन में जूझते दिखाई दिए। क्योंकि उन्हें इसी वर्ष फिर से चुनाव में जाना है। उधर नगर निगम अफसरों की तरफ खाली खजाने को भरने के लिए नए टैक्स का प्रस्ताव रखा गया। नए टैक्स लगाने का पार्षदों ने कोई विरोध नहीं किया। सर्व सम्पत्ति से आटो, टेम्पो, ट्रैवल एजेन्सी, सड़क पर वाहन खड़े करने वालों पर शुल्क लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अगर कोई ट्रैवल एजेन्सी व आटो वाला शुल्क नहीं जमा करेगा तो उससे इसकी वसूली हाउस टैक्स के साथ की जाएगी। नए टैक्स की वसूली दो से तीन महीने के भीतर शुरू हो जाएगी। इसके लिए नियमावली जल्दी बनेगी।किराए पर चलाए जाने वाले किस वाहन पर कितना होगा लाइसेंस शुल्कवाहन के प्रकार एक मुश्त वार्षिक लाइसेंस शुल्क रुपए मेंछोटी कार 2500टेम्पो, आटो, ई रिक्शा 2000बड़ी कार एसयूवी, इनोवा, फार्च्यूनर 4000बड़ी बस, ट्रक 6000मिनी बस ट्रक 5000छोटा माल ढुलाई वाहन 4000——————————————ट्रैवल एजेन्सियों पर लगने वाला लाइसेंस शुल्कट्रैवल एजेन्सी का प्रकार वार्षिक लाइसेंस शुल्क रुपए मेंबड़ी ट्रैवल एजेन्सी 12000छोटी ट्रैवल एजेन्सी 8000लग्जरी कार एजेन्सी 24000————————————–मोबाइल फूड बैंक का लाइसेंस शुल्क डेढ़ गुना बढ़या गयानगर निगम सदन ने मोबाइल फूड बैंक का लाइसेंस शुल्क लगभग डेढ़ गुना बढ़ा दिया है। पहले बड़े मोबाइल फूड बैंक का वार्षिक लाइसेंस शुल्क 24000 रुपए सालाना था। जिसे बढ़ाकर 36 हजार कर दिया गया है। इसी तरह छोटे फूड बैंक का किराया पहले 18000 रुपए था। जिसे बढ़ाकर 27 हजार रुपए कर दिया गया है।————————-संस्थानों व प्रतिष्ठानों को देना होगा प्रति वाहन 4000 रुपए सालाना पार्किंग शुल्कअब शहर के सभी प्रतिष्ठानों तथा संस्थानों को उनके प्रतिष्ठान के बाहर खड़े होने वाले वाहनों के लिए पार्किंग शुल्क देना होगा। अभी तक इनसे कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा था। लेकिन अब सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, काम्प्लेक्सों तथा संस्थानों के बाहर वाहन खड़े कराने वाले संस्थानों से पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा। प्रति वाहन प्रति वर्ष 4000 रुपए पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा।—————————–181 स्थानों पर स्क्रैप का कारोबार करने वालों को भी देना होगा लाइेंस शुल्कएलडीए ने शहर में 181 स्क्रैप के स्थल चिन्हित किए थे। इन स्थलों को हाल ही में एलडीए ने नगर निगम को सौंप दिया था। अब नगर निगम ने इनसे भी लाइसेंस शुल्क वसूलेगा। छोटे स्थल का वार्षिक लाइसेंस शुल्क 30 हजार रुपए सालाना होगा। जबकि मीडियम स्थल का शुल्क 45 हजार तथा बड़े स्थल का शुल्क 60 हजार रुपए सालाना होगा।——————–प्रिन्टिंग प्रेस वालों पर लगाया छतिपूर्ति शुल्कनगर निगम ने प्रिन्टिंग प्रेस पर छतिपूर्ति शुल्क लगाया है। प्रिन्टिंग प्रेस की ओर से प्रचार प्रसार के लिए पोस्टर छापे जाते हैं। इन पोस्टर को शहर के विभिन्न इलाकों में लोग सरकारी बिल्डिंग की दीवारों पर चिपका कर इन्हें खराब करते हैं। नगर निगम को पोस्टर छुड़ाने में बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। इसलिए प्रिंटिंग प्रेर पर छतिपूर्ति शुल्क लगाने का फैसला किया गया। इसकी दरें जल्दी ही निर्धारित कर दी जाएंगी।———————–वायु प्रदूषण करने वाले इन संस्थानों, इकाइयों व अन्य भी लगेगा शुल्क, जल्द तय होंगी दरें–ईट भट्टों और वायु प्रदूषण करने वाली औद्योगिक इकाईयों से शुल्क–डीजल से चलने वाले जनरेटर मशीनों पर शुल्क–निर्माण इकाईयों पर वायु प्रदूषण के लिए शुल्क–कामर्शियल वाहनों पर वायु प्रदूषण शुल्क–निर्माण सामाग्री बालू, मौरंग, व सीमेन्ट व्यावसायी–प्लास्टिंग उत्पादन इकाईयो से शुल्क–आटो टेम्पो व ई रिक्शा से संचालन शुल्क–नगर निगम की 20 पार्किंग में वाहनों से शुल्क—————————————————–हाउस टैक्स के आवासीय व व्यावसायिक बकाएदारों को मिली बड़ी राहत, पूरा ब्याज माफ होगानगर निगम सदन ने आवासीय और कमर्शियल हाउस टैक्स के बकाएदारों के ब्याज माफ करने का फैसला लिया है। इसके लिए ओटीएस योजना लागू करने का निर्णय हुआ है। सोमवार को नगर निगम सदन में सर्व सम्मति से इसका प्रस्ताव पास हुआ। महापौर संयुक्ता भाटिया ने खुद सदन में इसका प्रस्ताव रखा। ओटीएस योजना के तहत जनता और व्यापारियों के हाउस टैक्स का पूरा ब्याज माफ होगा। योजना का नाम महापौर एक मुश्त समाधान योजना रखा गया है। योजना का लाभ शहर के 3,16,590 बकाएदारों को मिलेगा। इन भवन स्वामियों का 279.15 करोड़ रुपये ब्याज माफ होगा। इन बकायेदारों पर कुल 382.80 करोड रुपए हाउस टैक्स बकाया है। जबकि 279.15 करोड़ रुपए ब्याज है। यह पूरा ब्याज माफ होगा। महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि सदन से प्रस्ताव पास होने के बाद अब इसे शासन मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। शासन से दो महीने के भीतर इसका अनुमोदन हो जाएगा। अगस्त से इसे लागू कर दिया जाएगा।——————-पटरी दुकानदारों को दी राहतनगर निगम ने फिलहाल पटरी दुकानदारों को राहत दी है। निगम ने इनका लाइसेंस शुल्क दोगुना करने का प्रस्ताव तैयार कराया था। लेकिन पार्षदों के विरोध के चलते इसका प्रस्ताव पास नहीं हो पाया। नगर निगम ने स्थिर फेरी वालों का वार्षिक लाइसेंस शुल्क 7200 से बढ़ाकर 14400 रुपए करने का प्रस्ताव किया था। इसी तरह चल फेरी का 3600 से 7200, साप्ताहिक बाजार का प्रतिदिन 25 रुपए की जगह 50, अन्य दुकानों का 50 की जगह 100 प्रतिदिन रखने का प्रस्ताव किया था। जिसे विरोध के बाद खारिज कर दिया गया। इन्हें राहत दी गयी है।