राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के लखनऊ और उन्नाव समेत छह कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले राज मोहम्मद का पीएफआई कनेक्शन सामने आया है। पुलिस कस्टडी रिमांड पर पूछताछ के दौरान उसने गुरुवार को पीएफआई से अपने संबंधों को कुबूल किया है।यूपी एटीएस ने राज मोहम्मद को गत सात जून को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया था। लखनऊ कमिश्नरेट के मड़ियांव थाने में आईपीसी की धारा 507 और आईटी एक्ट की धारा 66 (एफ) के तहत दर्ज किए गए मुकदमे में राज मोहम्मद को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की गई है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में राज मोहम्मद ने स्वीकार किया कि उसने वर्ष 2018 से 2021 के बीच पीएफआई (पीपुल्स फ्रंट आफ इंडिया) के सक्रिय कार्यकर्ता के तौर पर काम किया था। बाद में वह एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया) से जुड़ गया था। एटीएस उसके सोशल मीडिया एकाउंट और बैंक खातों की जांच कर रही है। राज मोहम्मद तमिलनाडु के पुदुकोट्टाई जिले के थिरुकोकर्णम थाना क्षेत्र स्थित रामलिंगम स्ट्रीट का रहने वाला है। एक व्हाट्सएप ग्रुप पर बम विस्फोट की धमकी के बारे में जानकारी मिलते ही यूपी एटीएस और लखनऊ के मड़ियांव थाने की संयुक्त टीम हवाई जहाज से तमिलनाडु पहुंच गई थी। दरअसल आरएसएस से जुड़े लखनऊ के एक व्यक्ति को अनजान नंबर से व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने का का लिंक मिला था। इस ग्रुप में छह स्थानों पर बम विस्फोट करने की बात हो रही थी जिसमें चार कर्नाटक और दो यूपी के थे। एटीएस ने जब व्हाट्सएप ग्रुप का विश्लेषण करके जानकारी जुटाई तो उसका उपयोग करने वाला तमिलनाडु का निकला। अभियुक्त को चिह्नित करने के बाद यूपी एटीएस ने तमिलनाडु पुलिस की आंतरिक सुरक्षा शाखा के अधिकारियों से मदद ली।
लखनऊ और उन्नाव समेत संघ कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले का पीएफआई कनेक्शन

