लखनऊ – एलडीए के 22 इंजीनियरों पर एक्शन होगा, यूपी के सभी होटल, मॉल, अस्पताल और स्कूलों की जांच होगी

by | Sep 6, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

सोमवार को लखनऊ के लेवाना होटल में लगी आग के बाद योगी सरकार एक्शन में आ गई है। होटल लेवाना में आग को लेकर हुई चार लोगों की मौत मामले में अब एलडीए के 22 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। इसके अलावा बिल्डर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करा दी गई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम योगी ने यूपी के सभी जिलों में तीन दिवसीय अभियान चलाकर अग्निशमन सुरक्षा के मानकों के आधार पर होटल, स्कूल, अस्पताल, मॉल, औद्योगिक संयंत्र, आवासीय मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट तथा व्यावसायिक कॉम्पलेक्स की जांच करने के निर्देश दिए हैं।शासन ने सभी जिलों के पुलिस प्रभारियों से तीनों दिनों के अंदर इस आशय का प्रमाणपत्र मांगा है कि उनके क्षेत्र में कहीं भी अग्निशमन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चाधिकारियों के साथ एक बैठक में कहा कि जहां भी आवश्यक हो, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए सिस्टम को अपडेट किया जाए। उन्होंने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) का उपयोग करने तथा सभी तहसीलों में फायर टेंडर की सुविधा मुहैया कराने के निर्देश दिए।डीजी फायर सर्विस अविनाश चंद्र ने बताया कि लखनऊ में हुए अग्निकांड के मद्देनजर मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार अभियान चलाया जा रहा है। हादसे को लेकर एलडीए के 22 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई तय है। इसको लेकर शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। बिल्डर के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है। आकस्मिक मॉक ड्रिल कराने के निर्देशशासन ने सभी जिलों व कमिश्नरेट में अग्निशमन विभाग को जिला प्रशासन, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करके अग्नि सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन करने वाले भवनों व प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अग्निशमन सुरक्षा के संबंध में समय-समय पर आकस्मिक मॉक ड्रिल कराने तथा लोगों को जागरूक करने का निर्देश भी दिया गया है। शासन ने यह भी कहा है कि विभिन्न भवनों को अग्नि सुरक्षा की एनओसी देने की प्रक्रिया में सभी मानदंडों का कठोरता से पालन कराया जाए। आपदा प्रबंधन टीम रहे अलर्टशासन ने कहा है कि किसी भी स्थान पर आग लगने की घटना संज्ञान में आते ही जिले की आपदा प्रबंधन टीम द्वारा उच्च स्तर की सक्रियता दिखाते हुए कार्रवाई की जाए। सभी संबंधित विभागों को तत्काल सक्रिय किया जाए। फंसे हुए लोगों की मदद के लिए एसडीआरएप व एनडीआरएफ को भी तत्काल सूचित किया जाए। जिले के जिस अस्पताल में बर्न केस की चिकित्सा की समुचित व्यवस्था हो, उसे पूर्व से ही चिह्नित कर लिया जाए और समन्वय स्थापित कर घायलों का उपचार कराया जाए। जिले के सभी फायर स्टेशनों का नियमित निरीक्षण करते हुए सभी वाहनों व उपकरणों की क्रियाशीलता का परीक्षण भी किया जाए। साथ ही कर्मचारियों को समय-समय पर समुचित ब्रीफिंग व ट्रेनिंग कराई जाए।