अयोध्या – मौत से पहले हीरालाल का बयान बना सजा का आधार ,हत्यारोपी मुरलीधर चतुर्वेदी को आजीवन कारावास

by | Aug 29, 2021 | ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

अयोध्या=सन् 1995 में दर्शननगर के बहुचर्चित हीरालाल हत्याकांड में आरोपी मुरलीधर चतुर्वेदी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गयी है। इसके साथ में कोर्ट ने उनके उपर 20 हजार का जुर्माना भी लगाया है। मामला 26 साल तक लम्बित रहा। परन्तु मृतक का मौत से पूर्व दिया गया बयान सजा का आधार बना। हत्या में शामिल दो अभियुक्तों को 8 साल पहले आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। वहीं एक अभियुक्त की दुघर्टना में मौत हो गयी।एडीजे तृतीय पूजा सिंह ने यह सजा सुनाई। अधिवक्ता रमेश तिवारी ने बताया कि प्रधानी चुनाव की रंजिश को लेकर 1995 में हीरालाल गुप्ता की 4 लोगो हत्या कर दी थी। हीरालाल ने अपनी बिरादरी के राधेश्याम की पत्नी को प्रधानी का चुनाव लड़ाया था। चार अभियुक्तों में संजय सिंह की दुघर्टना में मौत हो गयी थी। 8 से 10 वर्ष पहले हरीश चन्द्र तिवारी व हरीश सिंह को आजीवन कारावास की सजा हुई। मुरलीधर चतुर्वेदी ने अपनी जांच सीबीसीआईडी से करवाई। सीबीसीआईडी ने मामले में चार्जशीट दाखिल की। जिसके बाद वह हाईकोर्ट चले गये। इससे उनकी फाइल अलग कर दी गयी। हाईकोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी। जिसके बाद मामले में ट्रायल चला। मामले में 302 में आजीवन कारावास व बीस हजार का जुर्माना, 307 में 8 वर्ष की सजा व पांच हजार जुर्माना तथा 504, 506 में दो दो हजार का जुर्माना हुआ। कुल 29 हजार का जुर्माना इनके उपर लगाया गया।