प्रदेश में सड़कों के गड्ढे भरने के लिए जनप्रतिनिधियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। बारिश थमते ही पीडब्ल्यूडी सड़कों को दुरुस्त करने का अभियान शुरू करेगी। ये प्रस्ताव संबंधित एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी मुख्यालय या शासन को भेजे जा सकते हैं। विभाग ने शत-प्रतिशत सड़कों को गड्ढामुक्त करने की कार्ययोजना बना ली हैप्रदेश में पीडब्ल्यूडी की सड़कों का 2.70 किलोमीटर लंबा जाल है। इनमें सबसे ज्यादा 180135 किमी ग्रामीण सड़कें हैं। 49476 किमी लंबे अन्य जिला मार्ग और 5550 किमी लंबे प्रमुख जिला मार्ग हैं। शेष राजमार्ग हैं। पीडब्ल्यूडी ने सभी खंडों के अधिशासी अभियंताओं से कहा है कि वे सितंबर में अपने क्षेत्र की सड़कों में गड्ढों का पूरा ब्यौरा भेज दें। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कई वर्षों का अनुभव बताता है कि सितंबर में बारिश का मौसम सड़कों को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। मध्य सितंबर में कई दिन चलने वाली बारिश से सड़कों में काफी गड्ढे हो जाते हैंअधिशासी अभियंताओं के अलावा जनप्रतिनिधियों से भी गड्ढों या जलभराव के बारे में प्रस्ताव मांगे गए हैं। प्रमुख सचिव, पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण ने कहा कि जनप्रतिनिधि जहां भी गड्ढे या जलभराव की समस्या बताएंगे, बारिश के बाद उन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाएगा। शत-प्रतिशत गड्ढे भरने के लिए विभाग को जरूरी निर्देश प्राप्त हो गए हैं। उप मुख्यमंत्री और पीडब्ल्यूडी के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य पहले ही कह चुके हैं कि सरकार प्रदेशवासियों को अच्छी सड़कें देने के लिए प्रतिबद्ध है।
यूपी : सभी जनप्रतिनिधियों से मांगे प्रस्ताव, बारिश थमते ही शुरू होगा अभियान

