संवाददाताअनुष्का राजपूत -यूपी की राजधानी लखनऊ में ठगी का ऐसा मामला सामने आया जिसे सुनकर आप भी हैरत में पड़ जाएंगे. एक ज्वैलर के साथ हुई इस तीन करोड़ की ठगी उसी के एक जानकार खुद को महाराष्ट्र कैडर का आईपीएस बताने वाले एक ग्राहक ने की. सबसे बड़ी बात है कि ठगने वाले ग्राहक इस अपराध की प्लानिंग 15 साल से कर रहा था. इससे पहले उसने लगातार ज्वैलर को विश्वास में हासिल भी किया और सही समय आते ही इस वारदात को अंजाम दे दिया. फिलहाल ठग को यूपी पुलिस एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ की जा रही है.गौरतलब है कि विश्वास के साथ करोड़ों की ठगी की इस कहानी की शुरुआत साल 2003 में हुई. आरोपी राजीव सिंह के पिता बृजेंद्र सिंह भी पुलिस इंस्पेक्टर रह चुके हैं जो हाल ही में सीतापुर में सेवा देने के बाद रिटायर हुए हैं. शुरुआत यानी 2003 में आरोपी राजीव की मां अमीनाबाद में मोहनश्याम ज्वेलर्स के मालिक और पीड़ित ज्वैलर नितेश रस्तोगी की दुकान पर आती थीं. साल 2005 से राजीव का भी दुकान पर आना-जाना हो गया. इस दौरान ही आरोपी राजीव के पिता ने ज्वैलर को बताया था कि उनका बेटा आईपीएस बन गया है. इसके बाद सर्राफ की दुकान पर आरोपी के परिवार का जाना-आना लगा रहता.
लखनऊ -15 साल से प्लानिंग, प्लाटिंग करके फर्जी IPS ने मशहूर ज्वैलर से ठगे 3 करोड़ के जेवर

