हरदोई-साहब के जाते ही समाधान दिवस से निकल लिए अफसर

by | Jul 18, 2021 | ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

सवायजपुर। कोरोना संक्रमण काल के बाद नए आदेशों के तहत शनिवार को तहसील सभागार में डीएम अविनाश कुमार की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में दोपहर 1 बजे तक 81 शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें से मात्र 3 शिकायतों का निस्तारण किया जा सका। डीएम के जाने के बाद ही अफसर भी तहसील सभागार से निकल गए।डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाएं। समाधान दिवस समेत अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली शिकायतों का समयांतर्गत ढंग से निस्तारण करें। शिकायत निस्तारण की नियमित समीक्षा की जाएगी। इस दौरान जिनकी प्रगति खराब मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।समाधान दिवस में पुलिस महकमें की 37, राजस्व की 22, विकास की 02 अन्य विभागों की 17 शिकायतें सामनें आईं। विद्युत विभाग की अधिक शिकायतें मिलने व उनके निस्तारण की स्थिति अच्छी न मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताई। एसपी अजय कुमार ने कहा कि राजस्व संबंधी शिकायतों के निस्तारण के दौरान पुलिस राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर मौजूद रहे। कानून व्यस्था को सुदृढ़ बनाया जाए।दोपहर एक बजे डीएम के जाने के बाद अधिकांश अधिकारी समाधान दिवस से निकल गए। इसके चलते दोपहर बाद मात्र औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। इस मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रत्यूष पांडे, एसडीएम दीपक वर्मा, सीओ विजेंद्र द्विवेदी, डीडीओ राजेंद्र प्रसाद, डीआईओएस वीके दुबे, जिला कृषि अधिकारी उमेश साहू, डीएसओ संजय पांडे, जिला गन्ना अधिकारी सना आफरीन, डीपीआरओ गिरीश चंद्र, समाज कल्याण अधिकारी श्रद्धा पांडे व सीवीओ जेएन पांडे आदि मौजूद रहे।फिर लगाई गुहारतहसील के ग्राम भदार के मजरा हन्नामऊ निवासी वीरपाल ने बताया कि उनकी कृषि भूमि पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर रखा है। वह इससे पहले भी समाधान दिवस में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद समाधान दिवस के आयोजनों पर रोक लग गई। आज फिर से शिकायत की।नहीं हो रही कार्रवाईग्राम नोनखारा निवासी ब्रजनाथ उर्फ घुरई ने बताया कि उनकी भूमि पर गांव के ही कुछ लोग बार बार कब्जा कर रहे हैं। पहले शिकायत करने पर पुलिस व राजस्व टीम ने कब्जा हटवाया था, लेकिन आरोपियों ने फिर से कब्जा कर लिया। शनिवार को फिर से समाधान दिवस में अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।लेखपाल ने नहीं बनाई वरासतग्राम पूरनपुर निवासी नेत्रहीन कटोरी ने बताया कि अप्रैल में उसके पति का निधन हो गया है, लेकिन लेखपाल ने अभी तक उसकी वरासत नहीं बनाई है। वह निर्धन है, वरासत न बन पाने समेत उसे अन्य सुविधाओं का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। अफसरों को प्रार्थना पत्र देकर वरासत बनवाए जाने की मांग की है।वरासत न होने नहीं हुआ बैनामासवायजपुर कस्बा निवासी राम देवी ने बताया कि उसके पति की मौत को चार साल का वक्त बीत गया है। वह कई बार कह चुकी है, लेकिन अब तक लेखपाल ने वरासत नहीं बनाई है। बताया कि उसकी भूमि गंगा एक्सप्रेस वे में अधिग्रहित हो गई है, लेकिन वरासत न बन पाने के कारण भूमि का बैनामा नहीं हो पा रहा है।अफसरों ने सुनी शिकायतें, कराया निस्तारणहरदोई। कोरोना संक्रमण काल में संपूर्ण धान दिवस के आयोजनों पर रोक लगने के कारण फरियादियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। शनिवार से फिर से समाधान दिवस के आयोजन शुरू हो गए हैं। शनिवार को तहसीलों में आयोजित हुए समाधान दिवसों में अधिकारियों ने शिकायतें सुन उनका निस्तारण कराया।बिलग्राम प्रतिनिधि के अनुसार एसडीएम अतुल प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित हुए समाधान दिवस में कुल 33 शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें से तीन शिकायतों का मौका पर निस्तारण किया गया। संडीला प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार को तहसील सभागार में एसडीएम मनोज कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित हुए समाधान दिवस में कुल 25 शिकायतें दर्ज की गईं।इसमें से एक शिकायत का ही मौके पर निस्तारण किया जा सका। यहां सीओ महावीर सिंह, तहसीलदार अम्बिका चौधरी, ईओ वीपी सिंह व पूर्ति निरीक्षक अमित चौधरी आदि मौजूद रहे। अधिकारियों ने अन्य शिकायतों का समयबद्ध ढंग से निस्तारण करने का आदेश दिया।