प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। गुरुवार को बारिश के दौरान विभिन्न हादसों में 30 लोगों की मौत हो गई। बारिश की वजह से प्रदेशभर में काफी नुकसान हुआ है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि नगर निकाय और पंचायती राज के सभी अधिकारी और कर्मी फील्ड में उतर कर रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण हुए नुकसान का जायजा लें और लोगों को समुचित राहत पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय को यह भी निर्देश दिया है कि जलजमाव के कारण कोई रोग ना फैले इसके लिए यथोचित उपाय करें।मूसलाधार बारिश बनी मुसीबत, 30 की मौत, कई घायलआपको बता दें कि बृहस्पतिवार को प्रदेश भर में बारिश के दौरान हादसों में 30 लोगों की मौत हो गई और कई जख्मी हुए। राजधानी लखनऊ में बीते 36 घंटे में 222 मिमी बरसात रिकॉर्ड की गई। यहां तेज बारिश के दौरान खंभे में करंट उतरने से अलीगंज में एक किशोर की मौत हो गई। वहीं मड़ियांव के मोहिबुल्लापुर स्टेशन के सामने मैदान के गड्ढे में भरे पानी में डूबकर दो किशोरों की मौत हो गई। ग्रामीण क्षेत्र में कुछ जगह मकान, दीवार गिरने की घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर जलभराव व पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। बरसात में फसलों, सब्जियों को भी खासा नुकसान पहुंचा है।कानपुर में दो दिन से तेज हवाओं के साथ शुरू बारिश ने सात और लोगों की जान ले ली। इनमें सबसे अधिक फतेहपुर में चार, चित्रकूट, औरैया और उन्नाव में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं कन्नौज में इंदरगढ़ थाने की बैरक की दीवार ढहने से दो सिपाही घायल हो गए और यहां चार गोवंश समेत कई बकरियां भी मर गईं। बांदा में फसल सहित सब्जियों को खासा नुकसान हुआ है। खेत में मूंग, उर्द, तिल की फसल तैयार है, लेकिन बारिश से किसान फसल काटने व मड़ाई की हिम्म्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
लखनऊ -मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को दिए निर्देश

