मोहनलालगंज— जहां एक और प्रदेश की सरकार आवारा पशुओं के लिए गौशालाओं का निर्माण करवा रही है।तो वही शासन के आदेशों की उड़ रही है धज्जियां! जी हां आपको बताते चलें कि लखनऊ मंडल के मोहनलालगंज नगर निगम क्षेत्र कल्ली पश्चिम एवं हरकंश गढी के बीच तीन गोवंश की राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ प्रयागराज पर कुचलकर दर्दनाक मौत हो गई।आपको बता दें कि शुक्रवार की रात राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोवंश का झुंड राजमार्ग पर बैठा था तभी राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुजर रहे वाहनों से कुचलकर उनकी दर्दनाक मौत हो गई?किंतु प्रशासन की लापरवाही से ना तो गोवंशो के शव उठाए गए,उसका खामियाजा दर्जनों वाहन चालकों को उठाना पड़ा।राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे दर्जनों वाहन चालक रात में दूर से गोवंश के शव ना दिखने के कारण कई वाहन चालक गोवंश से टकरा गए।जिससे वाहन चालकों को गंभीर रूप से चोटे आई कई गोवंश वाहन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल अवस्था में राष्ट्रीय राजमार्ग पर तड़पने की स्थिति में देखे गए!एनएचआई की लापरवाही से आए दिन हो रही है दुर्घटनाएं?गोपाल खेड़ा से कल्ली पूरब पेट्रोल पंप तक नहीं लगी रोड लाइट!जिससे रात में काले भूरे रंग के गोवंश बीच रास्ते में बैठ जाते हैं या फिर राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने के वक्त दूर से वाहन चालकों को गोवंश नजर नहीं आते। जिसके कारण आए दिन वाहन चालकों व गोवंश के बीच दुर्घटनाएं होती रहती है। जिसका खामियाजा वाहन चालक वाह गोवंश को अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।आखिर क्यों प्रशासन आंख बंद कर के यह सब नजारा देख रहा है। जहां एक और सरकार कह रही है।गाय हमारी माता है और गाय के लिए निरंतर गौआश्रय केंद्र बनाए जा रहे हैं।तो वहीं दूसरी ओर प्रशासन की लापरवाही से आए दिन गांव पशुओं की दर्दनाक मौते हो रही है। क्या प्रशासन सरकार की मंशाओ के ऊपर पलीता लगा रही है।गौ आश्रय केंद्रों की मौजूदा हालत बद से बदतर होती जा रही है। जहां पशुओं के लिए ना तो उचित बैठने की व्यवस्था है,ना ही उनके खाने की व्यवस्था और ना ही कोई रखरखाव है ऐसे में गौआश्रय के नाम पर कई खानापूर्ति की जा रही है,आखिर क्यों ऐसा किया जा रहा है।जहां एक और सरकार निरंतर प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी और प्रशासन की लापरवाही से सरकार के प्रयासों पर पलीता लगा रही है।
लखनऊ -राजमार्ग पर पड़े गोवंश के कई शव,गोवंश के शव से टकराकर दर्जनों वाहन चालक हुए चोटिल आखिर क्यों सरकार की मंशाओ पर प्रशासन लगा रहा है?पलीता

