अयोध्या -वन कर्मियों ने शीशम के दो पेड़ कटवा कर किया गायब

by | Sep 19, 2021 | ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

मिल्कीपुर अयोध्या*= *कुमारगंज वन रेंज के वन कर्मियों ने बीट प्रभारी वन दरोगा की सांठगांठ से सड़क के किनारे लगे बेशकीमती शीशम के दो पेड़ों को रातों-रात काटकर पार कर दिया है। बेखौफ वन कर्मियों को अपने विभागीय उच्चाधिकारियों द्वारा कार्रवाई किए जाने का जरा सा भी भय नहीं रह गया है। आए दिन सड़क के किनारे स्थित वन विभाग के बेशकीमती हरे भरे पेड़ों को कटा कर वन दरोगा मोटी कमाई करने का धंधा बना लिए हैं।* *प्राप्त जानकारी के अनुसार वन रेंज कुमारगंज क्षेत्र अंतर्गत मिल्कीपुर पेट्रोल पंप से हैरिग्टनगंज जाने वाले मार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत रनापुर के मजरे टड़िया गांव के पास सड़क के किनारे से बेशकीमती शीशम के एक पेड़ को कटवा कर गायब करा दिया गया। इतना ही नहीं इसी मार्ग पर स्थित एल एम डी पब्लिक स्कूल रनापुर के समाने से भी बेशकीमती शीशम के और एक पेड़ को काट कर गायब करा दिया गया। मौके पर पड़े अवशेष को वन कर्मियों ने ठिकाने लगाने का प्रयास किया। लेकिन सही तरीके से ठिकाने नहीं लगा सके। अवैध रूप से काटे गए सरकारी पेड़ की जानकारी मिलने के बाद जब वन कर्मियों से सड़क के किनारे से काटे गए पेड़ों के संबंध में जानकारी चाही गई तो पहले वन कर्मियों ने यह कहते हुए अपना पल्ला झाड़ दिया कि अज्ञात चोरों / ग्रामीणों ने लकड़ी को काटकर गायब कर दिया है। फिलहाल लकड़ी की खोजबीन करवाई जा रही है।* *वही जब मौके पर पहुंचकर हकीकत की जानकारी ग्रामीणों से चाही गई तो दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि बीट प्रभारी अखंड प्रताप सिंह, वन दरोगा उत्कर्ष श्रीवास्तव समेत अन्य वन कर्मी बीते शुक्रवार की देर रात शीशम के पेड़ों को काटकर पिकअप से लोड करके ले गए हैं। ग्रामीणों ने भी बताया कि एक पेड़ में 6 बोटे निकले थे तथा दूसरे पेड़ में तीन बोटे निकले थे। कुल मिलाकर नौ बोटे बेशकीमती शीशम के वन कर्मी यह कहते हुए लेकर चले गए कि रेंज कार्यालय पर जमा करना है।* *ग्रामीणों ने समूचे घटनाक्रम की जानकारी कुमारगंज रेंज के नवागत प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी आरपी सिंह को दी है जिसके बाद उन्होंने वन कर्मियों की टीम के साथ अवैध कटान किए गए स्थल का जायजा लिया और संबंधित वन कर्मियों को तत्काल काटी गई लकड़ी रेंज कार्यालय पहुंचाने के आदेश दिए हैं। अन्यथा की दशा में उन्होंने वन कर्मियों को मामले में रिकवरी कराते हुए निलंबन की कार्यवाही किए जाने हेतु रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों को प्रेषित किए जाने की चेतावनी भी दे दी है।*