अमेठी -धनावंटन नहीं होने से एक भी परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी

by | Sep 20, 2021 | ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

गौरीगंज (अमेठी)। अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों के चहुमुखी विकास के लिए प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम संचालित किया जाता है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष में जिला प्रशासन ने चिह्नित चार ब्लॉकों में पेयजल, शिक्षा व स्वास्थ्य समेत अन्य सुविधाओं की स्थापना के लिए 2837 परियोजनाओं के लिए 1.94 अरब रुपये का प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव को प्रदेश सरकार से मंजूरी भी मिली लेकिन केंद्र सरकार की ओर से धनावंटन नहीं होने से एक भी परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी।प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम के तहत वित्तीय वर्ष 2020-21 में अल्पसंख्यक विभाग ने 2837 परियोजना के लिए एक अरब 94 करोड़ 53 लाख 79 हजार दो सौ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर जिला प्रशासन से अनुमोदन प्राप्त करने के बाद प्रदेश सरकार को भेजा था। प्रस्ताव को प्रदेश सरकार ने मंजूरी प्रदान करते हुए केंद्र सरकार के पास भेज दिया।लेकिन भारत सरकार से वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बावजूद धनावंटन नहीं किया गया। धनावंटन न होने से एक भी प्रस्तावित परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी। ऐसे में जहां लोगों को निराशा हुई वहीं विभाग ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ते हुए वित्तीय वर्ष 2021-22 में नई परियोजना का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है।जल्द धनावंटन की उम्मीदजिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि कोविड संक्रमण के कारण धनावंटन नहीं हो सका है। परियोजनाएं स्वीकृत हैं इसलिए धनावंटन की उम्मीद है। धनावंटन के बाद मानक के अनुसार परियोजनाएं पूरी कराकर लोगों को सुविधा से लाभान्वित किया जाएगा।यह परियोजनाएं थीं प्रस्तावितअल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय के वक्फ निरीक्षक आरके सिंह ने बताया कि जल निगम की ओर से पाइप पेयजल परियोजना के साथ सोलर बेस मिनी वाटर सप्लाई, बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्मार्ट क्लास व चहारदीवारी का निर्माण, माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से कंप्यूटर कक्ष, प्रसाधन भवन, पुस्तकालय, प्रसाधन भवन तथा चहारदीवारी निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था।इसके अतिरिक्त बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने बेबी फ्रेंडली प्रसाधन, आंगनबाड़ी केंद्र व स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य विभाग ने कॉमन प्रसाधन व कैंटीन का प्रस्ताव भेजा था। इसके अलावा आईटीआई निर्माण, सोलर लाइट स्थापना व सद्भाव मंडप निर्माण के लिए धनावंटन की मांग की थी।