साँडा सकरन (सीतापुर) मुख्यमंत्री जी जनपद सीतापुर के विकासखंड सकरन मे किरतापुर, देवतापुर, सकरन खुर्द,बगहाढाँक सहित चार गौसालाये सँचालित है लेकिन.इन गौशालाओं में गौवँशो की हालत. बहुत ही.दयनीय है. क्योंकि धन के बंदरबांट के कारण इन गौवँशो की सही देख रेख और चारे की व्यवस्था ना होने के कारण गोवंश कमजोर होकर हर दिन गौशालाओं में मर रहे जिनकी लगातार समाचार पत्रों में सुर्खियां बनती है मगर कागज पूर्ति के लिए ही आपके अधिकारी जाते है और कलम पूर्ति करके उस मामले को ठंडे बस्ते में डाल देते है जो अति निन्दनीय है हमारे संवाददाता द्वारा एक एक गौशाला की मौके पर जाकर पड़ताल की तो सच्चाई देख रोंगटे खड़े हो गए प्रथमबात करते हैं विकासखंड सकरन की बगहाढाँक गौसाला की. जहां पर 4 गोवंश मरणासन्न की हालत में पानी में पड़े हुए थे किसी लेबर या प्रधान द्वारा पानी से बाहर निकाल कर इलाज कराना भी उचित नहीं समझा गया गोवंश के खाने के लिए मौके पर केवल भूसा उपलब्ध मिला दाना चोकर और हरा चारा कुछ भी नहीं था गोवंशो को केवल भूसा और पानी के सहारे जिंदा रखा जाता है दूसरी गौशाला सकरन खुर्द की बात करते हैं विकासखंड सकरन की गौशाला सकरन खुर्द की जहां पर भूसा और दाना तो उपलब्ध मिला लेकिन हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं थी मौके पर 1 गोवंश मरा पड़ा हुआ था लेकिन ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी द्वारा उसको हटाया भी नहीं गया गौशाला में मिट्टी पटान न होने के कारण बरसात मैं गौशाला में पानी भर जाता है जिसमें मवेशियों को उसी में बैठना पड़ता है लेकिन ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की आंखों पर पट्टी बंधी हुई है उन्हें सिर्फ पैसा खाना दिखाई पड़ता है बात करते हैं तीसरी गौशाला विकासखंड सकरन की ग्राम पंचायत के किरतापुर की गौशाला की जहां पर गोवँसो के खाने के लिए मौके पर भूसा भी उपलब्ध नहीं मिला जानकारी करने पर लेबर ने बताया की कल से भूषा उपलब्ध नहीं है गोवंश को समय समय से चारा न मिलना जिससे वह कमजोर होकर आए दिन मर रहे अगर ऐसा ही रहा तो एक दिन गौशालाओं में गोवंश का नामो निशान मिट जाएगाबात करते हैं विकासखंड सकरन की चौथी गौसाला. देवता पुरकी . जहां की व्यवस्था कुछ सुदृढ़ नजर आई क्योंकि गोवंशो के खाने के लिए मौके पर भूसा के साथ-साथ अरे चारा की भी व्यवस्था दिखी.सवाल इस बात का उठता है यह ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान इतने ठीठ. कैसे हो सकते हैं क्या इनको उच्च अधिकारियों की कोई दहशत नहीं है या उच्च अधिकारी सब कुछ जानते हुए गोवंशो पर हो रहे अत्याचार को धृतराष्ट्र बनकर देख रहे हैं जहांएक तरफ योगी सरकार का सपना है की उत्तर प्रदेश में.गोवँसो.को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए ज्यादातर ग्राम पंचायतों में गौशालाओं का निर्माण कराया और गौवँशोके खाने के लिए. पैसा खर्चा कर रही है लेकिन ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान की लापरवाहीऔर मनमानी के चलते गौशाला में गौवँशो की हालत बहुत ही दयनीय है और उच्च अधिकारी धृतराष्ट्र बनकर गौशालाओ मे गौवँशो पर हो रहे अत्याचार को देख रहे हैं और योगी सरकार के सपने को चकनाचूर करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं अब देखना यह है क्या इन लापरवाह ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान पर उच्च अधिकारी कार्यवाही करते हैं या यह सिलसिला इसी तरीके से चलता रहेगा और योगी सरकार का सपना टूट जाएगा यह आने वाला समय बताएगा
सीतापुर -मुख्यमंत्री जी आपकी गौशालाओं में भुखमरी से मर रहे गोवंश धृतराष्ट्र बनकर बैठे उच्च अधिकारी नहीं ले रहे संज्ञान

