आज़मगढ़ में मठ को लेकर महाभारत——- भ्रस्टाचारियो, व्यभिचारियों , परिवारवाद, और फर्जी नियुक्तियों के मकड़जाल में फस गया है ऐतिहासिक रजादेपुर मठ—–100 करोड़ से अधिक की संपत्ति को हड़पने की रच रहे है साजिस, मठ में न पूजा न होती दिया बाती, अवैध तरीक़े से बने मठाधीस की दिन रात साजिस और गंदी शियासत का शिकार हो रहा हजारों लोगों की आस्था का केंद्र रजादेपुर मठ, भड़क रहा आक्रोश — आज़मगढ़ जिले के सगड़ी तहसील के जीयनपुर बाजार के पास गोरखपुर- आज़मगढ़ मुख्य मार्ग पर स्थित सैकड़ो वर्ष पुराना और अपने अंदर कई किंवदंतियों को समेटे रजादेपुर मठ आज अपनी दुर्दशा पर आशु बहा रहा है। दो दशक पूर्व यह मठ लाखो लोगो की आस्था का केंद्र रहा। यहां से गुजरने वाली हर बड़ी हस्ती यहां अपना माथा टेकती रही है लेकिन तत्कालीन मठाधीस के अंदर आई कुरूतियो ने इस मठ और गुरु गद्दी की गरिमा को तार तार कर दिया। मठ में मठाधीस के भाई भतीजो का हस्तक्षेप बड़ा तो सब अपने अपने हिसाब से अपना हित साधने लगे। मठाधीस ने अपने भाई की क्लर्क पद पर नियुक्ति की । तो क्लर्क की मृत्यु के बाद बाबा के दूसरे भाई की बहू यानी कंतकिशोर दुबे की पत्नी चंद्रकला दुबे की कथित फ़र्ज़ी नियुक्ति ने परिवारवाद को और बल दिया। दूसरी बड़ी घटना तब हुई जब 2016 में इसी थाना छेत्र की एक युवती मठाधीस शिवहर्ष भारती और इसके पड़ोसी गांव पुनापार ( बड़ा गांव) निवासी कमलाकांत सिंह के ऊपर इसी मठ के कॉलेज में नौकरी का लालच देकर दो वर्षों तक नशीला इंजेक्शन देकर यौनशोषण का गंभीर आरोप लगाया, और तत्कालीन कप्तान कुंतल किशोर के आदेश पर जीयनपुर कोतवाली में मठाधीस बाबा और कमलाकांत सिंह पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया। तब मठ से जुड़े तमाम शिष्यों और भक्तों की आस्था तार- तार हो गयी। और लोग मठाधीस और मठ से घृणा करने लगे। परिवार और कुछ कथित चेलो के साजिस और दबाव में बाबा ने अपने जीते जी किसी को उत्तराधिकारी चेला भी नही बनाया। ताकि बाबा के देहावसान के बाद मठ को कोई सुयोग्य उत्तराधिकारी मिल सके।पिछले वर्ष मठाधीस की मृत्यु के बाद मठ की सैकड़ो करोड़ की संपत्ति पर कुछ लोगो की कुदृष्टि पड़ी। और जिसमे बाबा के भतीजे कंतकिशोर दुबे और रेप के आरोपी कमलाकांत सिंह और उनके समर्थकों का नाम चर्चा में है । और एक पात्र है वीरेंद्र मिश्रा जो वर्तमान में इस मठ के विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य है। इनकी नियुक्ति भी मृतक आश्रित कोटे में शाशनादेश और नियम विरुद्ध है। जिसको लेकर वर्तमान डीआईओएस ने इनकी नियुक्ति को अवैध मानते हुए शून्य घोषित करने के बाबत कारण बतावो नोटिस जारी किया है। इनकी तिकड़ी ने मठ को अपने कब्जे में लेने के लिए अपने पॉकेट का मठाधीस बनाने की साजिस बुनी। जबकि हजारों शिष्य मांग कर रहे थे कि देश के तमाम आश्रमों में ब्रह्मचारी युवक रहते है। उनमें से कुछ का सार्वजनिक रूप से भक्तों चेलो की उपस्थिति में धार्मिक शाशतार्थ कराया जाय। और जो सबसे विद्वान योग्य हो उसे सर्वसम्मति से मठाधीस चुना जाय। ताकि मठ अपनी गौरवशाली परम्परा में पुनर्जीवित हो जाय। और लोगो की आस्था मठ से बढ़े। लेकिन बाबा की मृत्यु के दिन ही दूसरे मठ कोठियां भदीडँ के मठाधीस शिवशंकर भारती को साजिस के तहत आनन फानन में इस तिकड़ी ने कार्यवाहक मठाधीस बना दिया। बिना इस मठ से जुड़े शिष्यों की राय लिए। इसकी लेकर काफी आक्रोश हुआ । तब इनलोगो के द्वारा भक्तों को शांत करने के लिए झूठा आश्वासन दिया गया कि ये दूसरे मठ के अपने मठ चले जायेंगे। जब तक कोई योग्य मठाधीस नही चुना जाता। तबतक ही ये कार्यवाहक के रूप में रहेंगे।मठ से जुड़े शिष्यों की माने तो इस एक वर्ष में लगभग 12 से 15 लाख रुपये दान में मिले जिससे मठ का जीर्णोद्धार होना था लेकिन मठ एक पैसा भी दिखाई नही देता। यही नही न मठ में पूजापाठ होता है न दिया बाती ही जलती है। न किसी भक्त शिष्य की प्रसाद में बतासा तक नही मिलता। सभी पैसों का एक साल में गबन किया गया। और मठ की अरबो की अचल कीमती संपत्ति को हड़पने की साजिस वर्तमान मठाधीस और 3 तिकड़ी कर रही है। दो महीने पहले गोरखपुर, देवरिया और आज़मगढ़ के सैकड़ो शिष्य मठ में मठाधीस से मिलने आये और मठ की दुर्व्यस्था के बारे में पूछा तो मठाधीश ने उल्टे पुलिस को झूटी सूचना दी कि मेरी जान को खतरा है। और कुछ लोग धमकी दे रहे है। पुलिस पहुचने भक्त और शिष्य हतप्रभ रह गए। और दुखी होकर घर लौट गए।अब मठाधीस और इनकी तिकड़ी ने मठ में 40 सालों से रह रही पुराने मठाधीस की शिष्या 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला के खिलाफ मठ से बाहर करने की साजिस रची। और उनपर आरोप लगाया कि वो और उनके दो पुत्र पथराव करके एक कथित बाल महंत को घायल कर दिया। जिसके संबंध में स्थानीय थाने में फ़र्ज़ी मुकदमा कराकर दबाव बनाया जा रहा है कि वो मठ छोड़ दे। जबकि आरोपी एक पुत्र तो हजार मिल दूर फरीदाबाद में रहता है। पुलिस सीडीआर और सर्विलांस से पता कर सकती है। वर्तमान कथित फ़र्ज़ी मठाधीस और इनकी तिकड़ी की गंदी चालो से इलाके में काफी आक्रोश है। गोरखपुर, देवरिया और आज़मगढ़ के सैकड़ो गावो में फैले शिष्य यह लगातर मांग कर रहे है कि तत्काल ऐसे गंदे मठाधीस को मठ से बाहर किया जाय वो अपने पुराने मठ भदीड वापस जाए। मठ से रेप के आरोपी कमलाकांत सिंह , परिवारवाद फैलाने वाले भतीजे कंतकिशोर दुबे से मठ को मुक्ति दिलाई जाए, और फ़र्ज़ी नियम विरुद्ध नियुक्ति वीरेंद्र मिश्रा और चंद्रकला दुबे को बर्खास्त किया जाय। साथ ही सभी भक्तों, शिष्यों और सनातन हिन्दू धर्म के अनुयायियों की उपस्थिति में एक योग्य, ब्राह्मण विद्वान व्यक्ति को मठ का पूर्णकालिक महंत घोषित किया जाय। ताकि सनातन धर्म की रच्छा इन भेड़ियो से हो सके। और ऐतिहासिक रजादेपुर मठ की अरबो की संपत्ति और गौरवशाली परम्परा की सुरछा हो
यूपी -आज़मगढ़ में मठ को लेकर महाभारत-भ्रस्टाचारियो, व्यभिचारियों , परिवारवाद, और फर्जी नियुक्तियों के मकड़जाल में

