सीतापुर -अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षित गर्भ समापन दिवस एवं चिकित्सीय गर्व समापन अधिनियम अभियान

by | Sep 29, 2021 | ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

बिसवां- सीतापुर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भ समापन दिवस एवं चिकित्सीय गर्भ समापन अधिनियम 1971 के पचास वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर नागरिक अधिकार संगठन व महिला स्वास्थ्य अधिकार अभियान ने नौ सूत्रीय मांगपत्र मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीतापुर के नाम संबोधित अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां को सौंपा,मांगपत्र में कहा गया है कि स्वास्थ्य सुविधा अस्पताल आधारित गर्भ समापन सेवाओ तक पहुँच में सुधार हो,गर्भ समापन से सम्बंधित सेवाओ के लिए प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं व स्टाप की संख्या का विस्तार किया जाय।जिला स्तरीय समितियों को क्रिया शील हो और निजी अस्पतालों में सुविधाओं में पंजीकरण की प्रक्रिया को कारगर बनाया जाय।वही निजी अस्पतालों में पंजीकरण के साथ यह ध्यान दिया जाय कि गर्भ समापन के लिए निम्नतम दर के आधार पर खर्च का मानक तय किया जाय।चिकित्सीय गर्भ समापन अधिनियम 1971 के संशोधन का अनुपालन कराया जाय।वही मांगपत्र में यह भी कहा गया है कि उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओ को सुनिश्चित कराने वर्तमान गर्भ समापन कानून में किये गए बदलाव के दिशा निर्देशों का पालन कराया जाय और इस कानून के बारे में समुदाय आधारित जागरूकता अभियान को चलाने इसके लिए पर्याप्त बजट ,परिवार नियोजन के तहत तैनात काऊंसलर की जुम्मेदारिया एवम परिवार नियोजन व सुरक्षित गर्भ समापन में पुरुषों व युवा लड़को की भूमिका को सुनिश्चित करने की मांग की गई है ,नागरिक अधिकार संगठन की संयोजक कमरून निशां ने कहा पिछले डेढ़ वर्षो में यह देखने को मिला है कि गरीब और सबसे हाशिये पर रहने वाली महिलाये ,किशोरियों व अन्य जेंडर पहचान वाले बुरी तरह प्रभावित हुए है।महामारी में न केवल सुरक्षित गर्भ समापन बल्कि यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं गर्भावस्था व प्रसव देखभाल को प्रतिबंधित किया है।वही अभियान के प्रभारी हरीशंकर गुप्त ने कहा कोविद के पहले भी कठिनाइयां व चुनौतियां थी लेकिन कोरोना महामारी के दौरान यह कठिनाई और चुनौती अधिक गहरी हुई है।उन्होंने कहा भारत मे 15.6 मिलियन और उत्तर प्रदेश में प्रत्येक वर्ष 3.15 मिलियन गर्भ समापन किये जाते है ।इनमे से अधिकांश के असुरक्षित होने की आशंका है।असुरक्षित गर्भ समापन भारत मे मातृ मृत्यु दर का तीसरा सबसे बड़ा कारण है।इस अवसर पर कमरून निशां, हरीशंकर गुप्ता,शकीला,रेशमा ,शमा,साजिया विश्राम लाल ,लक्ष्मी,राजरानी आदि प्रमुख रहे ।