उत्तर प्रदेश -छात्राओं को स्कूल में रोककर छेड़छाड़, 17 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज, एसओ लाइन हाजिर  

by | Dec 6, 2021 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में स्कूल की 17 छात्राओं को रात में स्कूल में रोकर कर छेड़छाड करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुरकाजी के दो स्कूल संचालकों ने प्रयोगात्मक परीक्षा दिलाने के बहाने भोपा से दसवीं  की 17 छात्राओं को रात में पुरकाजी क्षेत्र के जीजीएस इंटरनेशनल स्कूल में रोककर उनके साथ छेड़खानी की।नवंबर को हुई इस शर्मनाक घटना पर थाना पुरकाजी पर्दा डालती रही और स्कूल संचालकों को बचाती रही। भाजपा विधायक प्रमोद उटवाल ने इसकी जानकारी एसएसपी को दी। इसके बाद एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गीय और एएसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने रविवार को थाना पुरकाजी पहुंचकर जांच की।इस मामले में एसओ विनोद कुमार सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सूर्य देव पब्लिक स्कूल थाना भोपा के संचालक योगेश कुमार और जीजीएस इंटरनेशनल स्कूल थाना पुरकाजी के संचालक अर्जुन सिंह के खिलाफ छेड़खानी, नशीला पदार्थ देने और पोक्सो एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।रिपोर्ट में एक छात्रा के अभिभावक ने बताया गया कि योगेश छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा दिलाने के बहाने घर से लेकर आया था और देर हो जाने का बहाना बनाकर स्कूल में रोक लिया। रात में खिचड़ी में नशीला पदार्थ मिलाकर खिला दिया और उसके बाद छेड़खानी की गई। अगले दिन उन्हें डराया गया कि किसी को बताया तो उनके परिजनों की हत्या कर दी जाएगी। छात्राओं ने परिजनों को इसकी जानकारी दी और स्कूल जाना बंद कर दिया।पुलिस ने प्रकरण में लीपापोती का काम किया है। आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों की छात्राओं को डराकर उत्पीड़न किया है। सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी।- प्रमोद ऊंटवाल, विधायक पुरकाजी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। छात्राओं के परिजनों को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचे। एक परिजन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।-कृष्ण कुमार विश्नोई, एएसपीपुलिस ने उल्टा स्कूल संचालक से ली थी तहरीरइस मामले में भाजपा विधायक ने पहले एसओ और सीओ को फोन कर जानकारी दी थी। इसके बाद शनिवार को एक स्कूल संचालक को थाने बुलाया गया और उससे पूछताछ की गई। बाद में उससे एक पत्रकार के खिलाफ अफवाह फैलाकर ब्लैकमेल करने की तहरीर लेकर छोड़ दिया था। अभिभावकों से बात करने की कोशिश नहीं की गई।