अब राजधानी के अस्पतालों की तरह शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑनलाइन ओपीडी पर्चे बनेंगे। मरीज ऑनलाइन रिपोर्ट भी हासिल कर सकते हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को ई-हॉस्पिटल सेवा से जोड़ा जाएगा।लखनऊ के आठ ब्लॉक में 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन हो रहा है। शहरी क्षेत्र में आठ केंद्र संचालित हो रहे हैं। वहीं 52 हेल्थ पोस्ट सेंटर का संचालन हो रहा है। अभी इन अस्पतालों में हाथ से लिखे ओपीडी पर्चे मरीजों को मुहैए कराए जा रहे हैं। खून व रेडियोलॉजी की रिपोर्ट भी उसी अस्पताल से मिल रही है जहां जांच कराई है।डिजिटल हेल्थ मिशन की तहत स्वास्थ्य विभाग अहम कदम उठा रहा है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को ई-हॉस्पिटल से जोड़ा जाएगा। डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी सिंह ने बताया कि शहरी क्षेत्र के 19 केंद्रों को ई-हॉस्पिटल से जोड़ा रहा है। वहीं गांव की 10 सीएचसी जुड़ेंगी। इसके तहत मरीजों को ओपीडी का पर्चा कम्प्यूटराइड बनेगा। ऑनलाइन रिपोर्ट मिलेगी। यदि किसी मरीज को विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह की जरूरत है तो वीडियो कान्फ्रेंसिंग की मदद ली जाएगी। इससे मरीज को आसानी से विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह मिल सकेगी। वहीं प्रत्येक मरीज की हेल्थ आईडी बन जाएगी। इससे स्वास्थ्य से जुड़े सर्वे व शोध में आसानी होगी।चिनहट में देवां रोड पर अपट्रान चौकी के पास स्थित अलमीरा फैक्ट्री में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। इस दौरान फैक्ट्री में रखे गैस सिलेंडर के धमाकों के साथ फटने से हड़कंप मच गया। पांच दमकल की गाड़ियों की मदद से दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।देवां रोड पर अपट्रान चौकी के पास वीरेन्द्र की राज श्री अलमीरा नाम से फैक्ट्री है। सोमवार सुबह फैक्ट्री से धुआं और लपटें निकलती देख लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें देख लोगों ने दमकल को सूचना दी। इस बीच आग की तपिश से फैक्ट्री में रखे सिलेंडर ताबड़तोड़ धमाकों के साथ फटने लगे। तेज आवाज के साथ हुए धमाकों से हड़कम्प मच गया। दमकल कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। आग की लपटों के बीच फैक्ट्री में रखी बड़ी संख्या में अलमारियां, गत्ते सहित अन्य सामान जल गया। एफएसओ गोमतीनगर ने बताया कि देख कर लग रहा है कि आग रात में लगी है। रविवार को फैक्ट्री में काम न होने से फैक्ट्री बंद थी, जिससे आग लगने के बारे में किसी को जानकारी नहीं मिल सकी। सुबह जब लोग फैक्ट्री पहुंचे तो आग की लपटें देख फायर विभाग को सूचना दी। प्राथमिक जांच में शार्ट सर्किट के कारण आग लगने की बात सामने आ रही है।फैक्ट्री में नहीं थें आग से बचाव के संसाधनसीएफओ विजय कुमार ने बताया कि फैक्ट्री में आग से बचाव के संसाधन नहीं थे। फैक्ट्री के पास फायर विभाग की एनओसी थी कि नहीं इसकी जांच की जा रही है। फैक्ट्री मालिक को नोटिस देकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।दो दर्जन गैस सिलेंडर मिलेदमकल विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक फैक्ट्री में करीब दो दर्जन गैस सिलेंडर मिले हैं। यदि यह सभी सिलेंडर आग की चपेट में आकर फट गए होते तो हादसा और भयावह हो जाता। गनीमत रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया
लखनऊ -फैक्ट्री में भीषण आग, धमाकों से दहला इलाका

