दुबग्गा सिटी बस डिपो पर ड्राइवर-कंडक्टरों की लड़ाई का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा। शनिवार सुबह पीएमआई बस सर्विस के चालक और सिटी ट्रांसपोर्ट के परिचालक से बसों की जांच करने के दौरान कहासुनी हो गई। मामला मारपीट तक पहुंच गया। मामला बढ़ता देख 112 नवंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया। इस बीच घंटों बस संचालन बाधित होने से दैनिक यात्री परेशान हुए।इस दौरान छह रूटों पर संचालित होने वाली 60 बसों में 57 बसों के पहिए थम गए। घंटों बस संचालन नहीं होने से दैनिक यात्री परेशान रहे। गनीमत रहा है कि शनिवार को सवारियों की संख्या कम होने से बस संचालन ठप होने का ज्यादा असर नहीं पड़ा। इलेक्ट्रिक बस संचालन के मैनेजर एमबी नातू ने बताया कि पीएमआई कंपनी के तीन चालकों ने कर्मियों से अभ्रदता की है। इस वजह से कुछ रूटों पर ई बसों के संचालन पर असर पड़ा है।आज ई बसों के संचालन पर पड़ेगा असरसिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी पल्लव बोस बताते हैं कि चालक-परिचालकों की लड़ाई में पीएमआई कंपनी के कुछ ड्राइवर काम पर नहीं रहेंगे। ऐसे में रविवार को बस संचालन आंशिक प्रभावित रह सकता है। ऐसे में पुलिस सत्यापन के बाद ही चालक ड्यूटी कर सकेंगे।ड्राइवरों को नौकरी से निकालने के आदेशइस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मारपीट करने वाले चालकों में शैलेंद्र, बृजेश व सुधीर शामिल रहे। दुबग्गा डिपो के एआरएम मनोज कुमार शर्मा ने इस तीनों चालकों को पीआईपी कंपनी को पत्र भेजकर हटाने के आदेश दिए है।
लखनऊ -बसों की जांच में चालक-परिचालक भिड़े, दैनिक यात्री रहे बेहाल

