कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना सोतीगंज का दशकों पुराना तिल्सिम तोड़ दिया है। 181 दिन में कप्तान प्रभाकर चौधरी की कार्रवाई से कबाड़ियों की कमर टूट गई है। ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने के लिये कप्तान ने अग्रिम आदेश तक सोतीगंज में पुराने सामान बेचने वाली दुकानों को पूरी तरह से बंद करा दिया है। कबाड़ियों की ही नहीं, पुलिस वालों की गर्दन कार्रवाई में फंसी है। खाकी के बड़े एक्शन के बाद वाहन चोरी में कमी मेरठ और आसपास के जिलों में भी जल्द देखने को मिलेगी। सोतीगंज के कबाड़ियों के पुराने मुकदमों की पुन: विवेचना के बाद कई रहस्य भी सामने आएंगे। कार्रवाई के दौरान शातिर कबाड़ियों और वर्दीधारी की साठगांठ की भी पोल खुली। सोतीगंज पर बंद करने की कार्रवाई से कबाड़ियों और कई पुलिसकर्मियों की धड़कनें बढ़ रही हैं।15 जनू 2021 को एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने मेरठ की कमान संभाली और तत्कालीन इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह राणा को चेतावनी दी कि सोतीगंज का दाग खाकी पर न लगा दें। उसी इंस्पेक्टर पर भ्रष्टाचार का मुकदमा सदर बाजार थाने में दर्ज करा दिया।सोतीगंज से जुड़े पुलिसकर्मियों को हटाया और 12 जुलाई को सोतीगंज में वाहन काटने का पहला मुकदमा दर्ज कराया। एक के बाद 15 नये मुकदमे सोतीगंज में दर्ज कराए। पुुराने मुकदमे में शामिल सोतीगंज के बड़े माफियाओं के खिलाफ चार गैंगस्टर के मुकदमें दर्ज कराए।सोतीगंज में चोरी-लूट के वाहन काटने और बेचने वाले 300 दुकान व गोदामों को पुलिस ने छांट लिया है। 15 मुकदमे और गैंगस्टर की विवेचना के लिये आईपीएस सूरज राय, एएसपी कैंट को लगाया है। सोतीगंज के कई बड़े कबाड़ी जेल में बंद कराए है। इसके बावजूद वाहनों के कटान व पार्ट्स बेचने का धंधा सोतीगंज में चल रहा है।दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान व गुजरात समेत कई राज्यों से गाड़ियों चोरी हो रही है। मेरठ पर सोतीगंज का यह बदनुमा दाग मिटाने के लिये एसएसपी ने अब बड़ी कार्रवाई कर दी। सोतीगंज की मार्केट बंद करा दी। दावा है कि विवेचना में पार्ट्स बेचने वाले दुकानों के नाम सामने आए हैं।क्या है 91 सीआरपीसी की कार्रवाई वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना कि धारा 91 सीआरपीसी की कार्रवाई का अधिकार पुलिस के पास है। विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाने के लिये दुकान बंद कराई जा सकती है। पुलिस अधिकारी इस धारा के तहत एक समन लिखित में दुकानदार या कबाड़ी को भेजते है। जिसमें उनके द्वारा बेचे जा रहे सामान का विवरण मांगा जाता है। विवरण उपलब्ध न कराने तक अधिकारी दुकान या गोदाम बंद करा सकते है। इसके लिये समय भी निर्धारित है।नये सामान और सर्विस की दुकानें खुलेंगीएएसपी कैंट सूरज राय के मुताबिक, सोतीगंज में जीएसटी देकर नए सामान की खरीद-फरोख्त और वाहनों की सर्विस करने वाली सब दुकानें खुलेंगी। वहीं, पुराने पार्ट्स बेचने वाली सभी दुकानें अग्रिम आदेश तक बंद कराई गई हैं। इन कबाड़ियों को अपनी दुकान में रखे हर सामान की जानकारी देनी होगी, जिसकी पुलिस और जीएसटी सत्यापन कराना होगा।कई जिलों में कबाड़ियों पर मुकदमेसोतीगंज में वाहन काटने और पार्ट्स बेचने वाला शायद ही कोई कबाड़ी होगा, जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज न हो। मेरठ में 216 कबाड़ियों पर अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, उड़ीसा और राजस्थान में भी मुकदमे कबाड़ियों पर दर्ज है। जिनका पुलिस ने पूरा रिकार्ड खंगाला है। पुलिस का दावा कि 1000 से ज्यादा मुकदमे कबाड़ियों पर हैं।
मेरठ -ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद वाहन कमेला बंद कराने का आदेश

