वाराणसी में एक व्यक्ति ने शराब के लिए पैसा न मिलने से नाराज होकर पत्नी पर रॉड से हमला कर दिया। वहीं, अपने तीन माह के बेटे को पीटकर मार डाला। इस घटना से हर कोई स्तब्ध है। आरोपी ने पत्नी को इतना पीटा है कि उसकी हालत गंभीर है। जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह अस्पताल में बेसुध हालत में है और बेटे के मरने की जानकारी नहीं है। आरोपी राजन का संयुक्त परिवार है।पुलिस के अनुसार, बड़ागांव थाना क्षेत्र के भिखारीपुर गांव के रहने वाले राजन जायसवाल के परिवार का भरण पोषण भी एक दुकान से चलता था। शराब की लत की वजह से वह दुकान पर भी नहीं बैठता था। इस वजह से पिछले कई दिनों से छोटा भाई भी बैठने लगा था। माता-पिता भी साथ रहते थे। सोमवार को पत्नी ने शराब के लिए पैसा देने से मना कर दिया तो उसने हमला कर दियाआसपास के लोगों के अनुसार शराब के पैसे को लेकर उसकी आए दिन पत्नी के साथ मारपीट होती थी। इधर कुछ दिनों से वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था। उसके पिता तीन भाई हैं।इसमें राजन के पिता भी मानसिक रूप से अस्वस्थ है। दूसरे नंबर के चाचा हरिहर प्रसाद जायसवाल उर्फ पप्पू खरावन ग्राम सभा के पूर्व प्रधान रह चुके हैं। तीसरे नंबर के चाचा गणेश जायसवाल का ईट भट्टे का कारोबार है। राजन के दो पुत्र और एक पुत्री है। इसमें बड़ी बेटी आरुषि(9) और बेटा हर्षित पांच(5) साल का है।नशे की लत में व्यक्ति कुछ भी कर सकता हैबीएचयू के मनोचिकित्सक प्रो. संजय गुप्ता ने बताया कि नशा की जब तलब आती है और पैसा नहीं मिलता है तो व्यक्ति यह नहीं देखता है कि घर के लोग और बाहर के लोग कैसे हैं। मजबूरी में नशे की लत वाला व्यक्ति कुछ भी कर सकता है। इस घटना में भी यही देखने को मिला है। ऐसे में लोगों को नशे के विरोध में आवाज उठाना होगा। सामाजिक मुहिम चलेगी तो कुछ हद तक इस पर निजात मिल जाएगा। चाहे कोई भी वर्ग हो सबके परिवार को नष्ट करता है।सामाजिक मूल्यों में क्षरण का द्योतक है घटनाएक तो संसाधनों की कमी तो दूसरी ओर मानसिकता इस तरह की घटनाओं में प्रमुख वजह मानी जाती है। यह गलतफहमी होती है कि पुरुष है तो उसकी बात मान ली जाती है। पुरुष का दर्जा महिलाओं से ऊंचा है। ऐसे में महिलाएं विरोध नहीं करती हैं। बड़ागांव की घटना में भी पत्नी ने विरोध किया तो उसको बुरा लग गया। कुंठा ग्रस्त होना, तनाव में रहने की वजह से ही उसने इस घटना को अंजाम दिया है। सामाजिक मूल्यों में क्षरण का द्योतक है। जागरूकता बहंत जरूरी है। -प्रो. श्वेता प्रसाद, समाजशास्त्री, बीएचयू
वाराणसी -दुधमुंहे बच्चे की हत्या, पत्नी को किया अधमरा, बेटे के मौत की मां को नहीं जानकारी

