अयोध्या -रामजन्मभूमि परिसर की स्थाई सुरक्षा समिति की बैठक में गहन मंथन किया

by | Dec 22, 2021 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

रामजन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था अब आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी। भौतिक सुरक्षा के लिए तैनात भारी भरकम फोर्स को घटाकर परिसर को खुला रखा जाएगा और बाहरी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की जाएगी। इस आशय पर मंगलवार को एडीजी सुरक्षा वीके सिंह की अध्यक्षता में रामजन्मभूमि परिसर की स्थाई सुरक्षा समिति की बैठक में गहन मंथन किया गया। रामजन्मभूमि की सुरक्षा का नया खाका तैयार हो रहा है। यह खाका भविष्य को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दिसंबर 2023 में विराजमान रामलला को उनके नवीन ऐतिहासिक मंदिर प्रतिष्ठित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उसी समयसीमा के अनुसार मंदिर का निर्माण भी किया जा रहा है। इस बीच राम मंदिर निर्माण शुरू होने के साथ ही दर्शनार्थियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ट्रस्ट महासचिव चंपत राय की मानें तो राम मंदिर निर्माण के बाद अगले पांच सालों तक अयोध्या में महाकुंभ मेला की स्थिति रहेगी।मालूम हो कि महाकुंभ में देश-देशांतर के करोड़ों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। ऐसी दशा में एक-एक व्यक्ति की सुरक्षा जांच संभव नहीं है। मैनुवल/फिजिकल जांच में पर्याप्त समय लगता है जिसके कारण अपार भीड़ को निर्धारित समय में दर्शन करा पाना संभव नहीं हो पाएगा। सुरक्षा जांच के लिए लंबे कतार में खड़ा रहना श्रद्धालुओं के लिए भी असुविधाजनक है। खासकर बूढ़े-बुजुर्गों के लिए तो परेशानी बढ़ाने ही वाला है। यही कारण है आधुनिक तकनीक के जरिए सुरक्षा व्यवस्था का विचार समीचीन प्रतीत होने लगा है।पीएसी के आवास निर्माण के लिए ट्रस्ट तैयार, हरी झंडी का इंतजाररामजन्मभूमि परिसर में मंदिर निर्माण की गतिविधियां बढ़ने के साथ रिक्त स्थान की जरूरत है। इसके चलते परिसर में स्थित पीएसी जवानों की आवासीय व्यवस्था/ पुलिस लाइन निर्माण का प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है। इसके कारण श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने निर्णय लिया था कि यदि जिला प्रशासन भूमि उपलब्ध करा दे तो भवन निर्माण ट्रस्ट की ओर से करा दिया जाएगा। इसी प्रस्ताव को लेकर जिला प्रशासन ने बेगमपुरा मोहल्ले में करीब 20 एकड़ नजूल भूमि चिह्नित की थी। इस भूमि से सम्बन्धित प्रस्ताव शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जा चुका है लेकिन अभी तक शासन की ओर से हरी झंडी नहीं मिल पाई है। इस सम्बन्ध में फिलहाल कोई जिम्मेदार अफसर बोलने को तैयार नहीं है।एलएण्डटी के अधिकारियों ने एडीजी को दिया फीडबैकएडीजी सुरक्षा वीके सिंह ने स्पष्ट किया कि रामलला के दर्शन की अवधि में कोई परिवर्तन नहीं होगा। इसके पूर्व रामजन्मभूमि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय भी कह चुके हैं कि दर्शन की अवधि बढ़ाया जाना संभव नहीं है क्योंकि रात्रिकालीन समय में सुरक्षा व्यवस्था बड़ी चुनौती बन सकती है। यही कारण है कि मंगलवार की बैठक में पुराने प्रस्ताव के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान इस विषय को संज्ञान में नहीं लिया गया। उधर एलएण्डटी कार्यालय में बैठक से पहले एडीजी सिंह ने परिसर का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान एलएण्डटी के अधिकारियों ने उन्हें फीडबैक दिया। बैठक में आईजी केपी सिंह, डीआईजी सीआरपीएफ संजीव राव, क्षेत्रीय निदेशक आईबी रमाकांत गुप्त, डीएम नितीश कुमार, एसएसपी शैलेष कुमार पाण्डेय, एडीएम कानून व्यवस्था जितेन्द्र कुशवाहा, एएसपी परिसर पंकज पाण्डेय, ट्रस्ट के न्यासी डा. अनिल मिश्र व मंदिर निर्माण प्रभारी केएम गोपाल राव समेत अन्य मौजूद रहे।