दिल्ली – 50 फीसदी क्षमता के साथ होगा बसों और मेट्रो का संचालन, जानें इसपर क्या है लोगों का रिएक्शन

by | Dec 30, 2021 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

देश की राजधानी दिल्ली में ओमिक्रॉन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने सिटी बसों और मेट्रो को 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ चलाने की अनुमति दी है। इसे लेकर शहर के आसपास के लोगों ने चिंता जाहिर की क्योंकि उन्हें आने-जाने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, कुछ लोगों ने कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस फैसले का समर्थन किया।डीडीएमए द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के अनुसार, दिल्ली मेट्रो 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता पर संचालित होगी और किसी भी यात्री को इसमें खड़े होने की अनुमति नहीं है। एक यात्री ने कहा, ‘हमें निर्धारित समय से 2 घंटे पहले अपना घर छोड़ना पड़ता है। यहां बस में वे यात्रियों को नहीं ले जाते, लेकिन बस स्टैंड पर भीड़ जमा होती है। हमें घंटों खड़े रहना पड़ता है जिसके कारण हम अपने काम पर देर से पहुंचते हैंअन्य यात्री ने कहा, ‘बसें आ रही हैं लेकिन बैठने की क्षमता कम होने से यात्रियों के वेटिंग का टाइम बढ़ गया है जिससे बस स्टॉप पर भीड़ लग रही है।’ समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए बस मार्शल विकास ने कहा, ‘हमारा ध्यान बस के अंदर भीड़ से बचने और यह सुनिश्चित करने पर है कि सोशल डिस्टेंसिंग हो, हर कोई मास्क पहने और कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन किया जाए।’इसी बीच लक्ष्मी नगर और अक्षरधाम मेट्रो स्टेशनों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं। एक यात्री ने कहा, ‘बैठने की क्षमता कम करने का सरकार का फैसला अच्छा है। लोगों को कोविड उपयुक्त व्यवहार का पालन करना चाहिए।’ एक अन्य यात्री ने भी सरकार के फैसले का समर्थन किया और कहा कि उन्हें यह फैसला एक हफ्ते पहले लेना चाहिए था, इससे मामले इतने ज्यादा नहीं बढ़ते।यात्री अनामिका ने कहा, ‘स्थिति के अनुसार सरकार का कदम अच्छा है लेकिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सभी गेट बंद हैं और केवल एक गेट खुला है, जिससे भीड़ बढ़ेगी और अंततः मामले बढ़ेंगे। हमारा खर्चा भी बढ़ रहा है। सरकार को यात्रियों के बारे में सोचना चाहिए।’ इससे पहले डीडीएमए ने अपने नए दिशानिर्देशों में कहा था कि डीटीसी और अन्य सिटी बसें भी नए मानदंडों के मद्देनजर केवल बैठने की 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलेंगी। ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ने के बाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को राजधानी में ‘येलो अलर्ट’ की घोषणा की। जिसके तहत स्कूल, कॉलेज, सिनेमा और जिम बंद रहेंगे, गैर-जरूरी सामानों की दुकानें ऑड-ईवन के आधार पर खुलेंगी व मेट्रो और बसें शहर में 50 प्रतिशत बैठने की क्षमता के साथ चलेंगी।ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत ‘लेवल-1’ अलर्ट के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 5 बजे के बीच नाइट कर्फ्यू रहेगा। दिल्ली में मंगलवार को पिछले 24 घंटों के दौरान 496 नए कोविड-19 पॉजिटिव केस मिले। यह पिछले छह महीनों में एक दिन में सामने आए मामलों की सबसे ज्यादा संख्या हैदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए ग्रैप लागू करके पाबंदियां लगाईं हैं। साथ ही कहा है कि अगर लोग फिर भी नहीं माने और बाजारों से भीड़ की तस्वीर आई तो बाजार बंद करने पड़ेंगे। हम नहीं चाहते है कि किसी का नुकसान हो। इसलिए हमें भीड़ करने से बचना है।दूसरे चरण में लगेगा वीकेंड कर्फ्यू, मेट्रो 33 फीसदी क्षमता से चलेगीदिल्ली में अगर संक्रमण दर की रफ्तार इसी तरह बढ़ती रही तो दिल्ली में दूसरा अलर्ट भी जल्द जारी होगा। यह अलर्ट लगातार दो दिन एक फीसदी संक्रमण दर आने पर जारी किया जाएगा। इसमें मौजूदा सभी पांबंदियां तो लागू रहेगी ही लेकिन वीकेंड कर्फ्यू लागू किया जाएगा। यानि शुक्रवार रात 10 बजे से सोमवार की सुबह 5 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। इस दौरान जरूरी सेवाओं को छोड़कर अन्य किसी भी तरह की गतिविध पर रोक रहेगी। इसके अलावा मेट्रो सिर्फ 33 फीसदी की क्षमता से चलेगी। बाजार बंद करने का समय रात 8 बजे से घटाकर 6 बजे कर दिया जाएगा। इसे अंबर (भूरा पीला) अलर्ट नाम दिया गया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर बाजारों में भीड़ काबू नहीं आई तो बाजार भी बंद करने पड़ेंगे