कोरोना महामारी की अब तक दो लहर सामने आ चुकी हैं। पहली की तुलना में दूसरी लहर काफी ज्यादा आक्रामक रही लेकिन पिछले और इस साल मई के मुकाबले इस बार मई में 30 गुना ज्यादा लोगों की संक्रमण के चलते मौत हुई हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने पहली और दूसरी लहर का तुलनात्मक अध्ययन जारी किया था जिसमें बताया कि दोनों लहर के बीच संक्रमित होने वाले मरीजों की आयु में बड़ा अंतर नहीं मिला है।
साथ ही मृत्यु दर में भी ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले साल 2020 के अप्रैल में 1029 लोगों की मौत हुई थी। जबकि मई और जून माह में क्रमश: 4,076 और 11,633 लोगों की मौत हुई।
इन तीनों माह की तुलना इस साल करते हुए मंत्रालय ने बताया कि अप्रैल 2021 में 45,862, मई में 1,20,770 और जून में 69,354 लोगों ने कोरोना संक्रमण के चलते दम तोड़ दिया।
अगर राज्यवार स्थिति देखें तो असम और बिहार में पिछले साल मई में तीन व 18 मौत दर्ज की गई थी जबकि इस साल मई में 2019 और 2,624 लोगों की मौत हुई। छत्तीसगढ़ में एक मरीज की मौत हुई थी और इस बार मई 2021 में 4704 मौतें हुईं।

