तापमान में गिरावट के बाद ठण्ड बढ़ी और कागजों पर अलाव की संख्या भी बढ़ी लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है। नगर निगम दावा करता है कि शहर के 650 स्थलों पर अलाव जलवाए जाते हैं जिनमें शहर के प्रमुख चौराहे, अस्पताल, लेबर अड्डा आदि शामिल हैं लेकिन अस्पतालों को छोड़ दें तो कहीं भी अलाव जलते नहीं मिले। सूत्रों के मुताबिक हर चौराहे पर लोग ठिठुरते मिले, कहीं कुछ रिक्शेवाले कागज जलाकर भी हाथ तापते मिले। चारबाग जैसे व्यस्त क्षेत्र में भी अलाव सिर्फ एक केन्द्र पर दिखा जबकि यहां हजारों लोगों को आवागमन होता है।चारबाग: रात 9.30 बजेस्टेशन से बाहर निकलते हुए लोग जाड़े से ठिठुर रहे थे लेकिन आसपास कोई अलाव नहीं था। सिर्फ छोटी लाइन के पास एक अलाव था। इसके अलावा चारबाग के पूरे क्षेत्र में एक भी अलाव नगर निगम की ओर से नहीं जलाया गया। रिक्शा चालक, मजदूर सभी ने कहा कि अलाव के लिए यहां लकड़ियां कभी नहीं गिरायी गई।महानगर चौराहा: रात 9 बजेमहानगर चौराहे पर दर्जनों रिक्शा वाले, ई-रिक्शा वाले और सड़क पर सोने वाले मजूदर थे। अजीम, राकेश व अन्य लोग इधर-उधर से कागज या अन्य जलावन ढूंढ कर आग जलाने की कोशिश कर रहे थे। इन लोगों ने भी यही बताया कि अलाव का इंतजाम होना चाहिए। हम लोग रात में भी काम करते हैं। कुछ देर रुकते हैं तो ठिठुरन महसूस होती है यदि अलाव होता तो राहत रहती।परिवर्तन चौक: रात 10 बजेपरिवर्तन चौक के आस पास दर्जनों लोग दुकानों के नीचे आसरा लेकर बैठे थे। मुख्य चौराहे पर एक प्राइवेट संस्था अस्थायी रैन बसेरा भी संचालित करती है। लेकिन नगर निगम का कोई अलाव आस पास नहीं दिखा। अस्थायी रैन बसेरे में रुके राजकरन ने बताया कि सारी रात ठण्ड लगती है। लेकिन नगर निगम की ओर से रैन बसेरे के बाहर भी अलाव नहीं जलवाए जा रहे। वहीं केडी सिंह बाबू स्टेडियम पर बने निगम के रैन बसेरे के पास अलाव जल रहा था।पॉलीटेक्निक चौराहा: रात 10.30 बजेपॉलीटेक्निक चौराहे का भी हाल बुरा था। देर रात तक सैकड़ों लोगों का आना जाना इसी चौराहे से होता है। मुख्य चौराहे के पुल के नीचे और आसपास लोग खड़े रहते हैं लेकिन यहां भी अलाव का कोई इंतजाम नहीं है। जबकि बहुत से लोगों को जब कहीं जगह नहीं मिलती तो आसपास ही आसरा ढूंढ के खुले में सो जाते हैं।वर्जन650 स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। मौसम खराब होने की वजह से लकड़ियां खुले स्थानों पर नहीं डाली गईं। शेड वाले सभी स्थलों पर अलाव की सुविधा दी जा रही है। प्रत्येक नागरिक को ठण्ड से बचाने से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।महेश चन्द्र वर्मा, मुख्य अभियंता नगर निगम
लखनऊ -कागजों पर अलाव की संख्या भी बढ़ी लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग

