कानपुर -ठगने वाले ओएफसी कर्मी समेत 6 गिरफ्तार, सचिवालय तक गिरोह की पैठ

by | Jan 11, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

कानपुर में क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का राजफाश किया है। आर्डनेंस फैक्टरी कर्मी समेत 6 शातिरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। सभी आरोपी कानपुर के रहने वाले हैं।गिरोह ने पिछले दो सालों में सवा सौ लोगों से करीब तीन करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है। गिरोह में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं। क्राइम ब्रांच अब एक-एक कर उनकी तलाश कर रही है। डीसीपी क्राइम सलमान ताज पाटिल ने बताया कि चकेरी निवासी प्रिया नाम की युवती से रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर चार लाख रुपये की ठगी की गई थी।जब वह नियुक्ति पत्र लेकर नौकरी ज्वाइन करने पहुंची थी तब पता चला था कि यह पत्र फर्जी है। जिसके बाद क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने अंकुर वर्मा, ओएफसी कर्मी प्रदीप सिंह, महताब अहमद, धर्मेंद्र कुमार, अशोक और अक्षय सिंह को गिरफ्तार किया। गिरोह बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर यूपी, पंजाब, हरियाणा, बिहार, कोलकाता समेत कई अन्य प्रदेश के बेरोजगारों से ठगी को अंजाम देते थे।अंकुर सरगना, बाकी आरोपियों का था अलग-अलग कामडीसीपी ने बताया कि बीएससी पास अंकुर गिरोह का सरगना है। वह शिकार चुनता था। महताब व अशोक साइबर कैफे चलाते हैं। जितने भी फर्जी प्रमाण पत्र व नियुक्ति पत्र तैयार करवाने होते थे वह यही दोनों करते थे। ओएफसी कर्मी प्रदीप सेना, ओएफसी आदि में नौकरी संबंधी लोगों को कथित ट्रेनिंग करवाता था। सरकारी परिसरों में भ्रमण भी करवाता था। वहीं धर्मेंद्र तैयार दस्तावेजों को इधर से उधर पहुंचाता था।सचिवालय तक पैठ, शहर दर शहर एजेंटआरोपियों ने कई शहरों में एजेंट बना रखे हैं, जो शिकार ढूंढते हैं। कोलकाता में विभू, बिहार में नरेंद्र, बिजनौर में कपिल चौहान हैं। मुंबई, चेन्नई, पटना आदि शहरों में भी कई एजेंट हैं। प्रदीप की तरह लखनऊ स्थित सचिवालय में भी गिरोह से जुड़ा भानु नाम का कर्मचारी है। जो शिकार को सचिवालय में नौकरी दिलाने का झांसा देता था, भानु उसको सचिवालय बुलाकर परिसर घुमाता था। जिससे उनको भरोसा हो जाए। इनकी हुई गिरफ्तारी- अंकुर वर्मा, राजपुर, काकादेव- धर्मेंद्र कुमार, मसवानपुर, कल्याणपुर- अशोक कुमार, टीपी नगर- महताब अहमद, आईआईटी गेट, कल्याणपुर- प्रदीप सिंह, अर्मापुर- अक्षय सिंह, नानकारी