उत्तर प्रदेश -प्रॉपर्टी डील में छिपा कत्ल का राज? रायबरेली-हरदोई में भी सुराग तलाश रही पुलिस

by | Jan 15, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

रायबरेली में चकेरी निवासी बैंक अफसर जय प्रकाश पाल की हुई हत्या में पुलिस रंजिश व आशनाई के अलावा प्रॉपर्टी संबंधी विवाद में हत्याकांड को अंजाम देने का शक जता रही है। जय प्रकाश लखनऊ में एक जमीन खरीदने वाले थे। प्रतापगढ़ के शख्स ने उस जमीन का खुद को मालिक बताया था। रायबरेली के एक युवक के माध्यम से डील 70 लाख रुपये में फाइनल हुई थी। करीब दस लाख रुपये भी दिए जा चुके थे लेकिन जमीन की लिखापढ़ी जय प्रकाश को नहीं की जा रही थी। क्योंकि जमीन में कुछ फर्जीवाड़ा था। आशंका है कि इसी विवाद में सुपारी देकर भाड़े के हत्यारों से वारदात कराई गई। दहेली सुजानपुर निवासी जय प्रकाश पाल बैक ऑफ बड़ौदा की डीह(रायबरेली) शाखा में तैनात थे। मंगलवार रात रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र में उनको गोलियों से भून दिया गया था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। रायबरेली एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि जय प्रकाश पाल स्थानीय युवक के माध्यम से लखनऊ में स्थित डीएलएफ सिटी में 70 लाख की प्रॉपर्टी लेने वाले थे। डील कराने वाले शख्स ने बताया था कि यह प्रॉपर्टी प्रतापगढ़ निवासी एक शख्स की है। डील फाइनल हुई और दो तीन बार में जय प्रकाश ने करीब दस लाख रुपये भी उसको दे दिए थे।जांच में पता चला कि प्रतापगढ़ निवासी शख्स के नाम उस जमीन की रजिस्ट्री ही नहीं है। उसने जमीन तो खरीदी थी लेकिन वह एक मामले में जेल चला गया था। इसलिए रजिस्ट्री आदि नहीं हो सकी थी। आशंका है कि पैसे वापस न करने पड़े इसलिए उसने हत्या करवा दी। एसपी ने बताया कि इन सभी लोगों को हिरासत में लिया गया है। प्रतापगढ़ वाले शख्स व उसके परिवार का बड़ा आपराधिक इतिहास है। इसलिए इस बिंदु की गहनता से पड़ताल की जा रही है। हरदोई के युवक ने दी थी धमकी एसपी के मुताबिक मृतक की भांजी लखनऊ में रहकर पढ़ाई करती थी। वहां एक युवक उसको परेशान करता था। जिसको जय प्रकाश ने फटकारा था। यही नहीं भांजी को कानपुर शिफ्ट कराया था। तब उसने जय प्रकाश को जान से मारने की धमकी दी थी। रायबरेली पुलिस के मुताबिक यह युवक हरदोई का रहने वाला है। उस पर भी शक है। कई लोगों से पूछताछ की जा रही है। मालिक हिरासत में, पिस्टल-बंदूक जब्त मकान मालिक पर भी परिजनों ने संदेह जाहिर किया था। पुलिस ने उसको हिरासत में ले लिया है। उसकी लाइसेंसी पिस्टल व डबल बैरल बंदूक भी कब्जे में ले ली है। हालांकि फोरेंसिक जांच में दोनों असलहों से गोली नहीं चलने की पुष्टि हुई है। वहीं आपराधिक गतिविधियों में लिप्त सपा नेता का मकान मालिक से गहन नाता सामने आया है। नेता को मकान मालिक ने एक कार भी गिफ्ट की थी। इन सभी तथ्यों की तहकीकात पुलिस कर रही है। पुलिस ने जय प्रकाश के मोबाइल नंबर की डिटेल भी खंगाल रही है। एक ने गोलियां बरसाईं, दूसरा बाइक स्टार्ट कर खड़ा रहासीसीटीवी फुटेज से पुलिस ने बदमाशों को करीब डेढ़ किमी तक ट्रेस कर लिया है। दो बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था। एक ने जय प्रकाश पर गोलियां बरसाईं थी तो दूसरा बाइक स्टार्ट कर खड़ा रहा था। उसके बाद दोनों फरार हो गए थे। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया। उससे स्पष्ट है कि शातिर शूटर ने सुपारी लेकर वारदात को अंजाम दिया। जिसने गोली मारी वह लंगड़ा रहा था। जिस रास्ते से आए थे वहीं से वे लौटे।चंद सेकेंड पहले आया था पड़ोसीसीसीटीवी फुटेज से पता चला कि जिस समय जय प्रकाश की हत्या की गई, उससे चंद सेकेंड पहले घटनास्थल के पास ही एक शख्स अपनी गाड़ी खड़ी करके घर के अंदर गया था। पड़ोसी का कहना है कि उसे गोलियों की आवाज नहीं सुनाई दी थी।चंद सेकेंड पहले आया था पड़ोसीसीसीटीवी फुटेज से पता चला कि जिस समय जय प्रकाश की हत्या की गई, उससे चंद सेकेंड पहले घटनास्थल के पास ही एक शख्स अपनी गाड़ी खड़ी करके घर के अंदर गया था। पड़ोसी का कहना है कि उसे गोलियों की आवाज नहीं सुनाई दी थी।