ओंकार नाथ चौधरीकोरोना संकट की इस घड़ी में सफाई कर्मचारियों का योगदान सराहनीय है – डा मजहर उन्नाव प्रतिनिधि संस्था और फ्रेश वाटर नेटवर्क और स्थानीय नगर पालिका के सहयोग से कोरोना के बढ़ते तीसरी लहर के बचाव पर प्रक्षिक्षण का आयोजन किया गया जिसमे फ्रेश वाटर नेटवर्क के (को-कन्वीनर ) और प्रतिनिधि संस्था के निदेशक डा मजहर रशीदी ने प्रतिभाग किया डा. राशिदी ने बताया की कोरोना संकट की इस घड़ी में सफाई कर्मचारियों का योगदान सराहनीय है। इस समय सफाईकर्मी अहम भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। अग्रिम पंक्ति के कोरोना योद्धा सफाईकर्मी कोरोना मृतकों का अंतिम संस्कार कराने में मृतकों के स्वजन की भूमिका निभा रहे हैं। तीसरी लहर में इनका और इनके परिवार ख्याल रखने की आवश्यकता है औनोने आगे बताया की कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने हमारे परिवार को बुरी तरह से प्रभावित किया है। पिछले 4-5 महीनों से हम एक डर के साये में जी रहे हैं। कोरोना संक्रमण के ख़तरे के साथ-साथ सफाई कर्मचारियों लॉकडाउन के कारण घोर आर्थिक तंगी को भी झेल रहा है। इन्हीं परिस्थितियों में तीसरी लहर आने की संभावनाएं जताई जा रही है और यह भी कहा जा रहा है कि इस लहर से बच्चों को ज्यादा ख़तरा है। अभी तक बच्चों के लिए कोई टीका भी नहीं है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा उनकी अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर निर्भर करेगा। इसके अतिरिक्त बच्चों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों वाली माताओं, किशोरियों को समुचित पौष्टिक आहार,नियमित स्वास्थ्य जांच, परामर्श तथा स्वास्थ्य देखभाल आदि सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा। साथ ही कोरोना से हुए आर्थिक तंगी से उबरने के लिए रोजगार परख प्रशिक्षण से इने परिवार को जोड़ने पर बल दिया जिससे सीखे गये हुनर के नाध्यम से अपने परिवार की आजीविका को बेहतर करने में मददगार हो सके साथ ही सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दिए सुश्री रशिमी पुष्कर (इंस्पेक्टर ) नगर पालिका उन्नाव ने संस्था द्वरा नगर पालिका द्वारा किये जा रहे प्रयास पर बल दिया और हर संभव कोरोना काल इनके अधिकार और को सुरक्षा के लिए भरोसा दिलाया कोविड-19 के ओमीक्रॉन वैरिएंट ने लोगों में एक बार फिर से दहशत पैदा कर दी है। WHO के अनुसार, यह नया वैरिएंट वायरस के व्यवहार को ही बदल देता है। इस वैरिएंट ने साउथ अफ्रीका के साथ भारतीय लोगों की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि यह नया संस्करण डेल्टा वैरिएंट की तुलना में और भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह बहुत घातक है।डा, एच एन प्रसाद कोविड प्रभारी ने कोरोना के नए ओमिक्रोन वैरिएंट ने यूं तो फिर से दहशत बढ़ा दी है, लेकिन अब तक इसका जो प्रभाव दिख रहा है उससे यह संभावना भी जताई जाने लगी है कि शायद यह इस महामारी के अंत की शुरुआत साबित हो। डेल्टा वैरिएंट की तुलना में चार-पांच गुना ज्यादा तेजी से फैलने की क्षमता वाले इस वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में हल्के लक्षण मिल रहे हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत भी नहीं पड़ रही। श्री इंतजार अहमद (डी सी पी एम) जिला चिकित्सालय उन्नाव ने कहा कि ओमिक्रोन के नए स्वरूप में सामने आया कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है, लेकिन अभी तक मिले डाटा से साफ हो गया है कि इस क्रम में यह पहले की तुलना में कम घातक रह गया है। इससे लोग आसानी से संक्रमित तो हो जाएंगे, लेकिन बीमार नहीं होंगे।डा ललित कुमार अपर मुख्य चिकित्सा आधिकारी उन्नाव ने कहा कि महामारी का अंत इसी तरीके से होता है। अधिकारी ने कहा कि एक बार वायरस पैदा हो गया तो वह कभी खत्म नहीं होता, पर जब लोग उसकी चपेट में आने के बाद भी बीमार नहीं पड़ते तो उस वायरस से पैदा हुई महामारी का अंत मान लिया जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कोरोना के ओमिक्रोन से भी ज्यादा तेजी से फैलने वाले लेकिन कम घातक वैरिएंट आ सकते हैं। जब तक उससे लोग बीमार नहीं होते हैं, चिंता करने की जरूरत नहीं है। सफाई कर्मोयों की तरफ से कोरोना के संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुये सफाई कर्मी के परिवार को कोविड-19 के अनुरूप प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनुरोध पत्र। दिया गया जिसमे लिए निम्नलिखित मांगे थी • स्पेसल कैम्प के माध्यम से टीकाकरण से हमारे परिवार और बच्चो को आच्छादित किया जाये जिससे सत प्रतिशत कोविड फ्री परिवार घोषित किया जा सके • ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति के सदस्यों को कोविड के नियमो का प्रशिक्षण दिया जाय जिससे वे आपने गाँव में जिम्मेदारी निभा सके ।• आयरन और कैल्शियम व अन्य मल्टी विटामिन्स आशा और आंगनवाड़ी को समय से लाभार्थी/परिवार के संख्या के अनुपात में उपलब्ध कराया जाये । • कोरोना के बचाव की दवाएँ आशाऔर आंगनवाड़ी के द्वारा उपलब्ध कराया जाये । • पैर द्वरा संचालित हाथ धोने की मशीन और कोविड के नियमो का पालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक वार्ड में सुनिश्चित की जाए • कोरोना किट (सफाई कर्मीयों के लिए पी पी ई किट, थर्मामीटर, ओक्सीमीटर,मास्क, गल्फ़्स, फेसशील्ड, गमबूट, सैनिटाइजर) आदि की समुचित मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। • सूखा राशन की घर तक पहुचाने की व्यवस्था कोरोना काल में प्रभावी कदम है परन्तु पोषाहार वितरण को भी चालू किया जाए जिससे बच्चों की रोगों से लड़ने की ताकत बनी रहे |• कोरोना काल में जिन बच्चों का टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं की जाँच व मल्टी विटामिन की सेवाएँ नहीं मिली है उनकी सूची बनाई जाय और सेवाएँ सुनिश्चित किया जाए |• सफाई कर्मियों के परिवार के किशोरियों तथा महिलाओं को सैनीटरी किट (सैनीटरी पैड, साबुन, सर्फ, सैनिटाइजर, मास्क) आदि उपलब्ध कराया जाए। आजीविका के लिए सफाई कर्मियों के ले अंत में उमेश त्रिपाठी ने आजीविका के मुद्दों पर चर्चा किये और आये हुए लोगो का आभार प्रकट किया
उत्तर प्रदेश -संकट की इस घड़ी में सफाई कर्मचारियों का योगदान सराहनीय है – डा मजहर

