अयोध्या -जुगाडू वाहनों पर चुनाव बाद होगी कारवाई

by | Jan 29, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण शुरू होने के बाद से यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट में खासा इजाफा हुआ है। टेंपो व ई-रिक्शे की तो पूछिए ही मत, लेकिन इन सबके बीच एक जुगाड़ू वाहन भी धड़ल्ले से चल रहा है। पुरानी मोटरसाइकिल को काटकर उसमें ठेला लगाकर माल ढुलाई का काम किया जा रहा है।ये वाहन न सिर्फ शहर के चार-चांद में बट्टा लगा रहे हैं बल्कि परिवहन विभाग को भी चूना लगाने का काम कर रहे हैं। कई बार जाम और हादसों का कारण भी बनते हैं। इन्हीं सब चीजों को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने इन पर शिकंजा कसने का मन बनाया है। चुनाव बाद इन पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी।निजी वाहनों को काटकर बनाया जा रहा जुगाड़ू वाहननिजी दोपहिया वाहनों को जुगाड़ लगाकर कामर्शियल बनाकर उपयोग में लाया जाना अयोध्या में अब आम बात हो गई है। हालांकि संभागीय परिवहन अधिकारी आरपी सिंह का मानना है कि मामले में कई बार कार्रवाई हुई है।ट्रांसपोर्ट विभाग को कमर्शियल वाहनों पर लगने वाला टैक्स बचाकर लोग लाखों रुपए का चूना विभाग को लगा रहे हैं। इस दोपहिया वाहन को जुगाड़ू नीति से माल ढोने वाली गाड़ी बनाने वाले एक कारीगर ने अपना नाम छापने की शर्त पर बताया कि उक्त वाहन को तैयार करने में मात्र पांच हजार रुपए की लागत आती है, लेकिन ये माल ढोने वाले अन्य वाहनों से ज्यादा सस्ता सिद्ध हो रहा है।अयोध्या में हैं ऐसे सैकड़ों वाहनअयोध्या में चल रहे ऐसे सैकड़ों वाहन ट्रांसपोर्ट विभाग को लाखों रुपए का चूना लगा रहे हैं। फतेहगंज में तो ऐसे वाहन लाइन से खड़े दिख जाएंगे। ट्रांसपोर्ट विभाग के नियमों के आधार पर निजी दोपहिया वाहनों पर टैक्स का रेट वाहन की कीमत का तकरीबन 6 से 8 प्रतिशत चार्ज किया जाता है, जो 1500 से लेकर 6 हजार तक बनता है। ये राशि 15 साल के लिए वैध होती है। इसके विपरीत यदि छोटे से छोटा माल ढोने वाला वाहन देखा जाए तो उसपर प्रति साल 6 से 8 हजार रुपए सरकार को मिलता है।जुगाड़ू वाहन पूरी तरह से अवैध हैं। इन वाहन चालकों पर पहले भी कार्रवाई हुई है। चुनाव के बाद इन पर फिर से शिकंजा कसा जाएगा।