लखीमपुर -मौत मामले में सात आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

by | Jan 30, 2022 | अपराध, ई पेपर, जनहित, नेशनल, बड़ी खबर, राजनीती, स्थापना और प्रेरणा | 0 comments

लखीमपुर हिंसा में चार किसानों समेत एक पत्रकार की मौत के मुकदमें में सात आरोपियों की जमानत अर्जियां शनिवार को जिला जज मुकेश मिश्रा ने खारिज कर दीं। मुकदमें में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सातों आरोपियों ने 11 जनवरी को जिला जज की अदालत में दोबारा अपनी जमानत अर्जियां दाखिल कराई थीं। लेकिन शनिवार को सुनवाई के दौरान आरोपी शिशुपाल की अर्जी उनके अधिवक्ता ने नॉट प्रेस कर दी। इसलिए आरोपी शिशुपाल की जमानत अर्जी बल न देने के कारण खारिज कर दी। जबकि बाकी छह आरोपियों की जमानत अर्जियों पर जिला जज ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आरोपियों के खिलाफ लगे गम्भीर अपराधों को देखते हुए सभी की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं। तीन अक्तूबर को तिकुनिया में चार किसानों और एक पत्रकार समेत आठ लोग मारे गए थे। किसानों और पत्रकार की मौत के मुकदमें की विवेचना करते हुए एसआईटी ने केंद्रीय मंत्री पुत्र आशीष मिश्र उर्फ मोनू समेत 14 आरोपियों के खिलाफ तीन जनवरी को सीजेएम कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। आरोप पत्र में कई गम्भीर धाराएं और जुड़ जाने से आरोपियों को जमानत के लिए दोबारा पैरवी करनी पड़ रही है।जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि 11 जनवरी को अरोपी लवकुश राना, शिशुपाल, उल्लास त्रिवेदी उर्फ मोहित त्रिवेदी, रिंकू राना, धर्मेंद्र कुमार बंजारा, आशीष पांडेय और सुमित जायसवाल का द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र उनके अधिवक्ता राम आशीष मिश्र ने जिला जज की कोर्ट में दाखिल किया था। जिन पर शनिवार को जिला जज मुकेश मिश्रा की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान ही आरोपी शिशुपाल की जमानत अर्जी उसके अधिवक्ता ने नॉट प्रेस कर दी। इसलिए जिला जज मुकेश मिश्रा ने उसकी जमानत अर्जी बल न देने के कारण खारिज कर दी। जबकि बाकी छह आरोपियों की जमानत अर्जियों पर अभियोजन की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद कुमार त्रिपाठी और आरोपियों के अधिवक्ता राम आशीष मिश्र की बहस सुनने के बाद जिला जज मुकेश मिश्रा ने सभी आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज कर दीं।