नीट में सॉल्वर उपलब्ध करवाने वाले गिरोह के सरगना पटना निवासी पीके उर्फ नीलेश के साथ समानांतर गैंग चलाने वाले चुनार (मिर्जापुर) के बरैठा निवासी सिंचाई विभाग के कर्मचारी कन्हैया लाल सिंह के झांसे में आए 13 अभ्यर्थियों को भी चिह्नित कर लिया गया है। पुलिस इन सभी के घर जाकर नोटिस तामिला कराएगी। इन सभी अभ्यर्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन किया था और कन्हैया के संपर्क में थे।सारनाथ पुलिस की छानबीन में पता चला है कि कन्हैया के साथ मिलकर काम करने वाले सुंदरपुर में साइबर कैफे संचालित करने वाले क्रांति कौशल के यहां अभ्यर्थियों के कागजात इकट्ठा होता था। क्रांति कौशल के साइबर कैफे के एक कंप्यूटर में ‘कन्हैया भैया’ के नाम से पुलिस को फोल्डर मिला था। फोल्डर में दिल्ली, लखनऊ, पूर्वांचल के अलग-अलग जनपदों के कई युवक-युवतियों के नाम और कागजात थे। इस फोल्डर के आधार पर पुलिस ने 13 अभ्यर्थियों के नाम चिह्नित किए हैं, जिन पर आशंका है कि वे कन्हैया के जरिए नौकरी पाना चाहते थे। सारनाथ के विवेचना अधिकारी अखिलेश वर्मा ने बताया कि इन अभ्यर्थियों के घर पर पुलिस पहुंचेगी। नोटिस जारी की जाएगी।शिवम और दीपांशु रावत अभ्यर्थी कन्हैया ने ही पीके को दिएअन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा नीट के लिए कन्हैया ने पीके उर्फ नीलेश कुमार को कई अभ्यर्थी मुहैया कराए थे। पुलिस की ओर से जिन 16 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी की गई थी, उसमें शिवम और दीपांशु रावत नामक दो अभ्यर्थी ऐसे थे, जिन्हें कन्हैया ने पीके को दिया था।
वाराणसी -झांसे में आए 13 अभ्यर्थी भी चिह्नित

