गोरखपुर। मंडलायुक्त/अध्यक्ष विकास प्राधिकरण गोरखपुर मंडल गोरखपुर द्वारा ज्ञापन लेने के आठ दिनों बाद भी किसी प्रकार की कार्यवाही ना किया जाना गैर जिम्मेदाराना रवैया हैं, अवैध निर्मित भवनों में चल रहे हॉस्पिटल, मॉल, काम्प्लेक्स, रेस्टोरेंट्स ,होटल्स को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि जीडीए के भ्रष्ट लोक सेवकों द्वारा अपने आर्थिक एवं राजनैतिक प्रभाव से जिला प्रशासन को प्रभावित कर जनहित के गम्भीर प्रकरण को निष्क्रीय व निष्प्रभवी किया जा रहा है। जो कि गम्भीर चिंतन का विषय है।तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन द्वारा मंडलायुक्त कार्यालय पर क्रमिक धरने को दसवें दिन भी जारी रखते हुए संगठन के संस्थापक महासचिव शैलेंद्र कुमार मिश्र ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दस दिनों से चल रहे क्रमिक प्रदर्शन पर कोई प्रभावी सक्रियता न व्यक्त किया जाना जिम्मेदार अधिकारी की भी भ्रष्टाचार में संलिप्तता प्रमाणित करता है। यदि सोमवार तक कोई ठोस प्रभावी कदम नहीं उठाया गया तो संगठन मंगलवार से प्रतीकात्मक प्रतिकार व्यक्त करनें के लिए सड़कों पर उतरने पर बाध्य होगा। साथ ही मंडलायुक्त की निष्क्रियता और संलिप्तता को मानते हुए प्रमुख सचिव के समक्ष अपनी 25 सूत्रीय ज्ञापन सौपने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।इस अवसर पर संगठन के प्रदेश आई.टी. सेल प्रभारी अमरजीत यादव ने कार्यकर्ताओं व सभी पदाधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि जाम गोरखपुर की विकट समस्या है। शहर की सकरी सड़कों पर जाम से निपटने के लिए प्रशासन और शासन के पास कोई ठोस विकल्प नहीं है। ऐसे माॅल एवं मल्टी स्टोरी बिल्ड़िंगों व अस्पतालों से जीडीए विभाग को कर में अप्रत्याशित वृद्धि होगी और साथ ही शहर की जनता को भी जाम से मुक्ति मिल जाएगी। मगर सिर्फ निजी स्वार्थ की सिद्धि के लिए राजस्व की हानि करते हुए लाखों रुपए के अनुचित आर्थिक लाभ लेने के दबाव के कारण प्रशासन अब कार्यवाही करने से कतरा रहा है। मगर गलत होने पर संगठन बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगा। संगठन अब कमर कस चुका है और ऐंड़ी से चोटी तक की लड़ाई लडे़गा और अब तो स्थानीय जनता भी समाचार पत्रों के माध्यम से संगठन के उद्देश्यों से परीचित हो रही है। सोए हुए प्रशासन को जगाने के लिए अब संगठन को सड़कों पर उतर कर प्रतिकात्मक प्रतिकार करते हुए शासन-प्रशासन के उच्च स्तर पर मांग को रखना ही होगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित संगठन के संरक्षक डा. पी.एन. भट्ट, संस्थापक महासचिव शैलेन्द्र कुमार मिश्र, प्रदेश सचिव उ.प्र. व राष्ट्रीय संयुक्त अधिवक्ता मंच के वरिष्ठ अधिवक्ता अनुप मिश्रा, अशोक तिवारी दिवानी बार गोरखपुर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विपुल मिश्रा, प्रदेश आई.टी. सेल प्रभारी अमरजीत यादव, आईटी सेल सदस्य धर्मराज यादव, दुर्गेश यादव, दिनेश यादव, वरिष्ठ कार्यकर्ता जियाउद्दीन अन्सारी, वरिष्ठ वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश शुक्ला कमिश्नरी बार गोरखपुर विरेन्द्र कुमार वर्मा, विरेन्द्र राय, जिला मंत्री रामचन्दर दूबे, जिला संयोजक राजमंगल गौर, जिला मीडिया प्रभारी शशी कांत, महानगर अघ्यक्ष संतोष गुप्ता, गोकुल गुप्ता जनपद कुशीनगर सूर्य देव शर्मा, सतीश कुशवाहा, अजय, जाहिद अली, मजहर उर्फ लाड़ले, नानू अंसारी, बृजराज सैनी, अमर सिंह, अजय कुमार सिंह, उमाशंकर मझवार, विनोद एडवोकेट कमिश्नर ई बार गोरखपुर शंभू सिंह श्रीनेत, दुर्ग विजय गौड़ एडवोकेट दिवानी बार गोरखपुर संजय गुप्ता, रुपेश शुक्ला, श्याम जी मद्धेशिया, महेंद्र मोहन तिवारी, सतीश चन्द्र कुशवाहा, राजकुमार यादव, और जय बहादुर इत्यादि लोग उपस्थित रहे।
गोरखपुर -संगठन को सड़कों पर प्रतीकात्मक प्रतीकार करने पर न करें बाध्य: शैलेन्द्र

