मड़ियांव स्थित उर्मिला अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से प्रसूता की मौत हो गई। इलाज नहीं किए जाने का आरोप लगाने पर अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने महिला के पति और परिवार वालों के साथ अभद्रता की। यह आरोप लगाते हुए मड़ियांव कोतवाली में अस्पताल संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।बहन के देवर से प्यार करने लगी थी युवती, आशिक ने गला काट कुएं में फेंकाबहन के देवर से प्यार करने लगी थी युवती, आशिक ने गला काट कुएं में फेंकाअसिस्टेंट कमांडेंट के पदों पर भर्ती, 28 फरवरी तक करें आवेदनअसिस्टेंट कमांडेंट के पदों पर भर्ती, 28 फरवरी तक करें आवेदनइन 3 राशि की लड़कियों पर रहती है मां लक्ष्मी की कृपाइन 3 राशि की लड़कियों पर रहती है मां लक्ष्मी की कृपाअनमोल अंबानी की शादी में ऐश्वर्या पर टिकी निगाहें,आराध्या संग दिया पोजअनमोल अंबानी की शादी में ऐश्वर्या पर टिकी निगाहें,आराध्या संग दिया पोजनौबस्ता पुलिया निवासी जफर खान के मुताबिक सोमवार को उन्होंने पत्नी हीना खातून को प्रसव पीड़ा होने पर उर्मिला अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार को ऑपरेशन से महिला ने बच्चे को जन्म दिया था। जफर खान के मुताबिक ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा ठीक थे। दोपहर 12.30 बजे मीता मिश्रा ने हीना को इंजेक्शन दिया था। इसके कुछ देर बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ गई। जफर के अनुसार उन्होंने नर्स को इस बात की सूचना दी थी। लेकिन डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आई। काफी देर तक वह इंतजार करते रहे। इस बीच हीना की तबीयत लगातार बिगड़ती रही। जफर के मुताबिक डॉक्टरों के नहीं आने पर वह विवश होकर पत्नी को दूसरे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। जब वह पत्नी के पास पहुंचे तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। आरोप है कि हीना की मृत्यु होने की बात पता चलने पर अस्पताल प्रशासन ने जफर पर तत्काल मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए कहा। जब उन्होंने इलाज में लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया तो उनके साथ मारपीट की जाने लगी। इंस्पेक्टर मड़ियांव वीर सिंह के मुताबिक जफर की तहरीर पर उर्मिला अस्पताल की मीता मिश्रा, डॉ. राकेश मिश्रा, गजला व अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
लखनऊ -डॉक्टरों की लापरवाही से महिला की मौत

