वाराणसी जिला जेल में बंदियों में महीनों से सुलग रही असंतोष की चिंगारी को बंदी राजेश की मौत ने हवा दे दी। शुक्रवार सुबह नाराज बंदियों ने दो घंटे तक उपद्रव किया और तोड़फोड़ की थी। इस मामले में जेलर वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी की तहरीर पर 41 नामजद व अज्ञात के खिलाफ लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।अधिकारियों की अब तक ही जांच रिपोर्ट में जेल प्रशासन की कई लापरवाहियां सामने आई हैं। जेल के सूत्रों के अनुसार बैरकों में रसूखदार बंदियों को सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। इसे लेकर अन्य बंदियों में काफी असंतोष रहता था। आरोप है कि यह सब बंदी रक्षकों के इशारे पर होता था।बंदियों की बर्बरता से पिटाई के आरोपइसका विरोध करने पर बंदी रक्षकों की ओर से यातनाएं झेलनी पड़ती थी। बंदी राजेश की मौत के बाद उनकी पत्नी रेखा जायसवाल ने भी आरोप लगाया था कि बैरक बदलवाने के लिए बंदी रक्षक पैसा की मांगते थे। इस बिंदु को भी जांच रिपोर्ट में अधिकारियों ने शामिल किया है।वहीं कुछ बंदियों से भी पूछताछ की गई। कई बंदियों के परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद बैरकों में चिह्नित करते हुए बंदियों की बर्बरता से पिटाई की गई। घटना के बाद पीसीओ से भी बातचीत नहीं करने दिया गया। उधर, डीआईजी जेल एके सिंह और जेल अधीक्षक एके सक्सेना ने अपनी अलग-अलग जांच बैठाई है।मुख्यालय स्तर से भी इस पर जेल अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। धोखाधड़ी मुकदमे में आरोपी बंदी राजेश जायसवाल की तबीयत बिगड़ने से शुक्रवार सुबह मौत होने से क्षुब्ध बंदियों ने लापरवाही का आरोप लगाकर जेल में तोड़फोड़ की थी। तीन बंदी रक्षकों को भी बंधक बना लिया थासीसी कैमरे के जरिए अन्य और आरोपियों की पहचान की जा रही है। कई इलेक्ट्रानिक उपकरण भी बवाल के भेंट चढ़ गए थे। जेल अधीक्षक एके सक्सेना के अनुसार अब स्थिति पूरे नियंत्रण में है। सीसी कैमरे के जरिए अन्य आरोपियों को भी चिह्नित किया जा रहा है।बैरकों से बदले गए बंदी, बढ़ी निगरानीघटना के बाद बवाल में चिह्नित बंदियों का बैरक बदल दिया गया। वहीं कुछ बंदियों की निगरानी भी कंट्रोल रूम से बढ़ा दी गई है। पश्चिम की जेलों से आए बंदियों की कड़ी निगरानी की जा रही है। जेल प्रशासन को आशंका है कि इन्हीं बंदियों ने जेल के माहौल को खराब किया। क्योंकि इनकी मनमानी पर लगाम लगाया था। हत्या, लूट और रंगदारी जैसे मुकदमों के कुछ बंदियों को दूसरे जेलों में भी भेजने की तैयारी चल रही है। आर्थिक क्षति का जेल प्रशासन कर रहा है आंकलनजेल में बंदियों की तोड़फोड़ में हुए नुकसान का जेल प्रशासन आंकलन कर रहा है। बैरकों के दरवाजे, प्रशासनिक कार्यालय, एंबुलेंस में आदि तोड़फोड़ की गई थी। अधिकारियों के अनुसार पांच लाख से अधिक की क्षति पहुंची है।
वाराणसी -सामने आई जेल प्रशासन की कई लापरवाहियां, बंदियों में था असंतोष

